लाइफस्टाइल डेस्क . देश का करीब 23-27 फीसदी ग्रूमिंग मार्केट सिर्फ सीपीएच यानी की चंड़ीगढ़, पंजाब और हरियाणा में है। यही वजह है कि ग्लोबल ब्रैंड डॉर्को ने चंडीगढ़ के एक स्टार्टअप लेट्सशेव में 10 फीसदी की हिस्सेदारी की है। एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार 25 से 45 वर्ष के भारतीय पुरुष, महिलाओं की अपेक्षा पर्सनल ग्रूमिंग पर दोगुना खर्च करते हैं। पिछले वर्षों के दौरान मेंस ग्रूमिंग का भारतीय बाजार 45 फीसदी की दर से बढ़ा है। वर्तमान में यह बाजार करीब 16,800 करोड़ रुपए का है, जिसके अगले तीन वर्षों के दौरान 35,000 करोड़ रुपए तक बढ़ जाने की पूरी संभावना है। मार्केट रिसर्च फर्म ‘नोवोनस’ के अनुसार देश में मेन्स ग्रूमिंग इंडस्ट्री दो हिस्सों ‘बाथ और शॉवर प्रोडक्ट जैसे कि हेयर केयर, स्किन केयर, डिओड्रेंट्स और शेविंग प्रोडक्ट’ में बंटी हुई है। अकेले शेविंग प्रोडक्ट्स की ही वर्तमान बाजार में 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है।

 

मेंस ग्रूमिंग के मामले में पंजाब के युवा सबसे आगे
हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब के मुताबिक न सिर्फ देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर पुरुष सौंदर्य बाजार महिलाओं की अपेक्षा कई गुना ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय युवा अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा ब्यूटी ट्रीटमेंट पर खर्च कर रहे हैं, जिसमें पुरुषों की तादात ज्यादा है। पंजाब में यह आंकड़ा ज्यादा है। लेट्सशेव के फाउंडर और सीईओ सिद्धार्थ एस ओबेरॉय खुद भी चंडीगढ़ से ही हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में इस स्टार्टअप को शुरू किया। फिलहाल उनके पास देश के 4.5 लाख से ज्यादा ग्राहक हैं और यह आंकड़ा साल-दर-साल 45 फीसदी की दर से बढ़ता जा रहा है। 4 प्रोडक्ट से शुरू होने वाले इस स्टार्टअप के पास वर्तमान में 22 से ज्यादा उत्पाद हैं। सिद्धार्थ का कहना है कि वे इस आंकड़े को बढ़ाकर 40 तक ले जाना चाहते हैं। वहीं डॉर्को एक प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय ब्रैंड है, जो कि पिछले 60 वर्षों से दुनियाभर में अपनी जगह बनाए हुए है। कोरिया के इस ब्रैंड की पहुंच दुनियाभर के 130 से ज्यादा देशों में है।

 

हमने कंपनियों की मोनोपॉली को तोड़ने के लिए तीन साल पहले यह स्टार्टअप शुरू किया था। आज यह न सिर्फ देशभर में अपनी पहचान रखता है, बल्कि पंजाब की सबसे बड़ी कंपनी और स्टार्टअप के तौर पर अपनी जगह बना चुका है। भारतीयों की क्रय क्षमता और उत्पादों की गुणवत्ता को ग्लोबल कंपनियां भी समझ चुकी हैं, यही वजह है कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान रखने वाली कंपनी ने हमारे साथ हाथ मिलाया है।

 

– भारत में निवेश करने के पीछे सबसे बड़ा कारण भारतीयों की ग्रूमिंग के प्रति बढ़ती दिलचस्पी है। लेट्सशेव पंजाब के रास्ते पूरे भारत में अपनी विश्वसनीय पैठ बना रहा है, यही वजह है कि हमने उसके साथ हाथ मिलाया है।

 

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खर्च करने में नहीं रहे पीछे
भोजन और स्वास्थ्य के अलावा सौंदर्य सेवा एक ऐसा क्षेत्र है, जहां लोग आंखें मूंदकर खर्च करने को तैयार हैं। भारत में महिलाएं हर महीने पार्लर और मेकअप के लिए 2000 से 3000 रुपए तक खर्च करती हैं। वहीं पुरुषों का रुझान पिछले कुछ वर्षों में ब्यूटी और हेयर ट्रीटमेंट के प्रति काफी बढ़ा है। पिछले साल लेडीज कॉस्मेटिक क्रीम्स की बिक्री करीब 1808 करोड़ रुपए की रही, जबकि पुरुषों ने भी 279.7 करोड़ रुपए की खरीदी अपने नाम की है। महिलाओं के फेस वॉश में पिछले साल के मुकाबले 8.4 फीसदी तो पुरुषों के लिए 57.9 फीसदी वृद्धि रही। इसी तरह से डियोड्रंट में भी पुरुषों ने औरतों को 5.5 के मुकाबले 9.3 फीसदी से पछाड़ा।

 

कहने को मुंबई मायानगरी और दिल्ली राजधानी है, लेकिन देश का फैशन ही पंजाब से शुरू होता है। यहां के ज्यादातर परिवारों का कोई न कोई सदस्य एनआरआई है या विदेशों में रहा है। ऐसे में विदेशी फैशन पंजाब के रास्ते पूरे देश में पहुंचता है। देशभर में मेरे 24 राज्यों में 816 सेलून हैं। इसमें सबसे ज्यादा रेवेन्यु जनरेट करने वाला इलाका सीपीएच है।