बेंजामिन मिर्गी की एक दुर्लभ प्रकार की स्थिति से भी जूझ रहा है। इस कारण वह एक मिनट भी ठीक से बैठ नहीं पाता।

हेल्थ डेस्क. 11 साल का बेंजामिन एडमंडसन ऐसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा है जिसका आज तक नाम भी नहीं रखा गया है। बेंजामिन न तो खुद खा सकता है या न बात कर सकता है। न तो वह चल सकता है और न ही रो सकता है। पूरी दुनिया में इस बीमारी से पीड़ित 8 लोग हैं। यह एक तरह का जेनेटिक डिसऑर्डर है। जानते हैं इसके बारे में…

1- इंग्लैंड के दुरहम में रहने वाला बेंजामिन मिर्गी की समस्या से भी जूझ रहा है। प्री-मैच्योर बर्थ के बाद उन्हें कई दिक्कतें और चेस्ट इंफेक्शन के कारण कई बार भर्ती किया गया था। मिर्गी के कारण कई बार दौरे भी पड़ चुके हैं।

2- लगातार बढ़ती बीमारी के कारण अब आंसू भी निकलना बंद हो गए हैं। इस कारण धीरे-धीरे आंखों की रोशनी कम हो गई है। एक आंख में अल्सर हो गया है। बेंजामिन के पिता पीटर कैली के अनुसार वह बचपन में उसे खाना खाने में कोई दिक्कत नहीं थी। अचानक एक दिन चेस्ट इंफेक्शन हुआ और उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। उसके बाद ऐसा कई बार हुआ।

3- बेंजामिन की मां विक्टोरिया एडमंडसन कहती हैं कि बचपन से ही इसके शरीर का डेवलपमेंट जैसा आम बच्चों जैसा नहीं था। यह दिखने में दूसरों से थोड़ा अलग था। जब डॉक्टर्स को इसके बारे में बताया तो कई बार जांच की गई लेकिन वे बीमारी का पता लगाने में असफल रहे। सिर्फ यही बताया गया कि इसे जेनेटिक डिसऑर्डर है।

4- विक्टोरिया के अनुसार वह मिर्गी की एक दुर्लभ प्रकार की स्थिति से भी जूझ रहा है। इस कारण वह एक मिनट भी ठीक से बैठ नहीं पाता। आंखों में सूखापन आ गया है, कई बार आईड्रॉप का इस्तेमाल किया जाता है। बेंजामिन की स्थिति बेहद गंभीर होने पर ऑपरेशन किया गया ताकि उसे नली की मदद से दवाएं और भोजन दिया जा सके।

5- चलने-फिरने में दिक्कत होने के कारण उसे व्हील चेयर पर रखा गया है। मिर्गी के दौरों के दौरान वह कई बार दीवारों पर टकराता है इसलिए कमरों में चारों तरफ पैड लगवाए गए हैं ताकि उसे कभी भी किसी तरह की चोट न पहुंचे। कमरों से परदे हटा दिए गए हैं ताकि उसे दिक्कत न हो। कमरा पहली मंजिल होने पर उसके सौतेले पिता पीटर उसे  उठाकर ले जाते हैं। उम्र के साथ वजन बढ़ने के कारण ऐसा करने में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं।

6- पेरेंट्स चाहते हैं घर के पीछे उसके लिए खास तरह का कमरा तैयार कराया जा सके। लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे असमर्थ हैं। कमरा बनवाने के लिए पेरेंट्स ने लोगों से 15 हजार पाउंड देने की गुजारिश की है। इसके लिए इंग्लैंड की एक संस्था कैंपेन भी चला रही है।