न्यूज़18 को मिली जानकारी के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) गुरुवार को भारतीय समयानुसार शाम 7:15 बजे से एक-के-बाद-एक पांच बड़ी कंपनियों के CEO के साथ बैठक करने वाले हैं और हर बैठक करीब 15 मिनट की होगी.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) बुधवार को 4 दिनों के अमेरिका दौरे पर दिल्ली से रवाना हुए. वॉशिंगटन पहुंचने पर पीएम मोदी सबसे पहली बैठक ग्लोबल सीईओ के साथ करने वाले हैं. पीएम मोदी गुरुवार को पांच अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रेसिडेंट और CEO से मुलाकात करेंगे. कोरोना काल में दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर हुआ है, ऐसे में पीएम मोदी ग्लोबल सीईओ के साथ मुलाकात के दौरान भारत में निवेश का निमंत्रण देंगे.

न्यूज़18 को मिली जानकारी के अनुसार पीएम मोदी गुरुवार को भारतीय समयानुसार शाम 7:15 बजे से एक-के-बाद-एक पांच बड़ी कंपनियों के CEO के साथ बैठक करने वाले हैं और हर बैठक करीब 15 मिनट की होगी.

पहली बैठक Qualcomm के प्रेसिडेंट और सीईओ क्रिस्टियानो आर आमोन के साथ होगी, जिसके बाद Adobe के चेयरमैन शांतनु नारायण पीएम मोदी से मिलेंगे. तीसरी बैठक फर्स्ट सोलर कंपनी के सीईओ मार्क विडमर के साथ होगी. जनरल ऑटोमिक्स के चेयरमैन और CEO विवेक लाल भी प्रधानमंत्री मोदी से मिलेंगे और आखिरी बैठक ब्लैकस्टोन के चेयरमैन, सीईओ और को-फाउंडर स्टीफेन ए स्चवर्ज़मान के साथ होगी.

2019 में 42 अमेरिकी सीईओ के साथ राउंड टेबल बैठक की थी
2019 में अमेरिका दौरे पर पीएम मोदी ने 42 अमेरिकी सीईओ के साथ राउंड टेबल बैठक की थी, व्यापक एजेंडे में भारत में निवेश के अवसर और भारत-अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना शामिल था.

शुक्रवार को दो बार वाइट हाउस जाएंगे पीएम मोदी
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और पीएम मोदी की पहली मुलाकात शुक्रवार को वाइट हाउस में होगी. न्यूज़18 को मिली जानकारी के अनुसार पीएम मोदी शुक्रवार की सुबह वाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, जिसमें आतंकवाद, अफगानिस्तान, कोविड और अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी. यह मुलाकात करीब एक घंटा चलेगी. जिसके बाद पीएम मोदी वाइट हाउस से होटल चले जाएंगे. दो घंटे बाद पीएम मोदी क्वाड की बैठक में शामिल होने फिर वाइट हाउस जाएंगे.

जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भी इस बैठक में शामिल होंगे, जो करीब 2 घंटे चलेगी. चीन पर नजर बनाए रखने के लिए क्वाड का मंच महत्वपूर्ण है, साथ ही हिंद प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के लिए भी अहम माना जाता है.

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