सेबी (SEBI) ने कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को छह महीने के लिए कोई नई फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान यानी एफएमपी (Fixed Maturity Plan) योजना शुरू करने से रोक दिया है.

नई दिल्ली. कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Kotak Mahindra AMC) को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, देश के मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी सेबी (SEBI) ने छह महीने के लिए कोई नई फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान यानी एफएमपी (Fixed Maturity Plan) योजना शुरू करने से रोक दिया है. 27 अगस्त को जारी आदेश में यह बात कही गई है.

सेबी ने कहा कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा. इसमें कहा गया है कि मार्केट रेगुलेटर ने देखा कि कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड द्वारा लॉन्च किए गए कुछ एफएमपी के निवेशकों को उनकी संबंधित मैच्योरिटी के अनुसार उक्त योजनाओं के घोषित नेट एसेट वैल्यू (NV) के आधार पर उनकी पूरी आय का भुगतान नहीं किया गया था.

कोटक एएमसी पर 50 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना
सेबी ने कोटक एएमसी पर 50 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना भी लगाया, जिसमें छह एफएमपी योजनाओं के यूनिटधारकों से एकत्र किए गए इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट और एडवाइजरी शुल्क का एक हिस्सा वापस करने का निर्देश दिया. इसके अलावा 15 फीसदी सालाना दर पर ब्याज भी वापस करने को कहा गया है.

क्‍या है फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान
डेट प्रोडक्टों के अंतर्गत फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान आते हैं. इन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी का ऑप्शन माना जाता है. इसमें टैक्स की ज्यादा बचत होती है. यह एक क्लोज्ड-एंड डेट फंड हैं. इसकी एक महीने से लेकर 5 साल तक की मैच्योरिटी पीरियड होती है. फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान अमूमन सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट, कॉमर्शियल पेपर, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट और नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर, बैंक के एफडी आदि में निवेश करते हैं.

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