कोविड के काबू में आने के बाद चूंकि आसपास के राज्यों में भी शैक्षणिक संस्थान खुलने शुरू हो रहे हैं तो दिल्ली में भी सरकार इस मूड में दिख रही है. लेकिन अपने फैसले से पहले दिल्ली सरकार ने दिल्लीवासियों से राय मांगी है.

  • समय जगत //नई दिल्ली. ‘5 लाख पैरेंट्स अब तक टीचरों से मिलकर जा चुके हैं और सबकी इच्छा दिखी कि स्कूल खोले जाएं, लेकिन साथ में सभी के मन में एक डर भी है कि क्या यह कदम सही होगा!’ यह बात दिल्ली सरकार में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कही, जिसमें उन्होंने दिल्ली में स्कूल व कॉलेज खोलने के संबंध में दिल्लीवासियों से सुझाव मांगे. सिसोदिया ने एक ईमेल एड्रेस देते हुए कहा कि कोई भी छात्र, टीचर या छात्रों के अभिभावक ईमेल कर दिल्ली सरकार तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार स्कूलों को खोले जाने को लेकर सकारात्मक है. उन्होंने कहा, ‘लेकिन, इससे पहले कि सरकार अपने स्तर पर कोई फैसला करे, लोग इस बारे में क्या सोचते हैं, यह जानना ज़रूरी है.’ सिसोदिया के मुताबिक PTM यानी पैरेंट्स टीचर मीटिंग के दौरान उन्होंने अभिभावकों और टीचरों के मन में जिज्ञासा देखी. सभी चाहते हैं कि स्कूल खुलें, लेकिन कैसे? इस बात को लेकर सबके पास या तो सुझाव हैं या फिर डर.

100 शब्दों में बताएं अपना सुझाव
सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली में रोज़ाना 70 से 75 हज़ार कोविड टेस्ट किए जा रहे हैं और रोज़ 40 से 60 के बीच नए केस मिल रहे हैं. इस आंकड़े से सिसोदिया ने कहा कि माना जा सकता है कि संक्रमण के हालात काबू में हैं. इस स्थिति में स्कूल, कॉलेज खोले जाने की कवायद शुरू की जा सकती है. आप दिल्ली सरकार को इस बारे में अपने सुझाव Delhischools21@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं और 100 शब्दों में अपनी बात लिख सकते हैं.

सिसोदिया ने यह भी कहा कि आसपास के राज्यों में भी स्कूल कॉलेज खुलना शुरू हुए हैं. किसी राज्य में जुलाई के शुरू में ही तो कहीं अब ये कदम उठाए जा रहे हैं. कहीं अगस्त से शुरुआत होगी. ऐसे में दिल्ली के लोगों में भी इस बारे में उत्सुकता है और सरकार भी संबंधित विभागों के विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस बारे में कोई फैसला लेने पर विचार कर रही है.

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