गूगल (Google) के प्रतिनिधियों ने आईटी संबंधी पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी के सामने स्वीकार किया कि कंपनी के कर्मचारी ग्राहकों की बातचीत को सुनते हैं.

नई दिल्ली. अगर आप गूगल (Google) का इस्तेमाल करते हैं तो अलर्ट हो जाएं. ​दिग्गज टेक कंपनी गूगल के प्रतिनिधियों ने इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी संबंधी पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी (Parliamentary Standing Committee) के सामने स्वीकार किया कि कंपनी के कर्मचारी ग्राहकों की बातचीत की रिकॉर्डिंग को गूगल असिस्टेंट के जरिए सुनते हैं. दरअसल, ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर गूगल के प्रतिनिधि संसद की आईटी कमेटी के सामने पेश हुए और ये बात कही.

बिजनेसटूडे के मुताबिक, कमेटी के सूत्रों ने बताया कि गूगल ने इस बात को स्वीकार किया है कि जब गूगल के यूजर “OK, Google” कह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पावर्ड गूगल असिस्टेंट से बात करतें हैं तो गूगल के कर्मचारी इसे सुनते हैं.

गोड्डा सीट से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने गूगल के प्रतिनिधि से इसको लेकर सवाल किया, जिसका जवाब देते हुए गूगल ने स्वीकार किया कि कभी-कभी यूजर्स जब वर्चुअल असिस्टेंट को कॉल नहीं करते हैं तो भी हम उनकी बातचीत को रिकॉर्ड करते हैं. इंडिया टूडे सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने कमेटी के सामने कहा है कि इस दौरान संवेदनशील बातों को नहीं सुना जाता है, यह सिर्फ सामान्य बातचीत होती है और उसे ही रिकॉर्ड किया जाता है.

हालांकि कंपनी ने साफ नहीं किया कि आखिर वह कैसे यह तय करता है कि कौन सी बात संवेदनशील है और कौन सी नहीं. कमेटि के मुताबिक इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और इसे गोपनीयता के अधिकार का हनन माना गया है. अंतिम रिपोर्ट कमेटि के अध्यक्ष शशि थरूर तैयार करेंगे और सरकार को अपनी सिफारिश देंगे.

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