भोपाल. पूरे देश की तरह एमपी में भी कोरोना संक्रमण तेज़ी से बढ़ रहा है. यहां इंदौर फिर डेजर जोन में है.

भोपाल.मध्य प्रदेश (MP) में अब आठवीं तक के स्कूल (School) 15 अप्रैल तक बंद रहेंगे. स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है. प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण सरकार  ने ये फैसला लिया. पहली से लेकर आठवीं तक के स्कूल 15 अप्रैल तक बंद रखे जाएंगे. पहले ये 31 मार्च तक बंद थे. कोरोना संक्रमण के कारण फिलहाल स्कूल नही खुलेंगे.

9 वीं से 12वीं तक की परीक्षाएं 12 अप्रैल से
मध्यप्रदेश में भले ही कक्षा पहली से कक्षा आठवीं तक के स्कूल 15 अप्रैल तक नहीं खुलेंगे.स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि 9वीं से बारहवीं तक के स्कूल सिर्फ 31 मार्च तक बंद हैं. 9वीं और 11वीं की फाइनल परीक्षाएं 11 अप्रैल से शुरू हो रही है. कक्षा 10 वीं और 12वीं की प्री बोर्ड परीक्षाएं भी 12 अप्रैल से एक साथ शुरू होने जा रही हैं.

सीएम ने कहा था ऐसी स्थिति में नहीं खोले जा सकते स्कूल
एमपी में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है. कोरोना के बढ़ते केसे को देखते हुये सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है. ऐसी स्थिति में स्कूल नहीं खोले जा सकते हैं. समीक्षा के बाद स्कूल ना खोलने को लेकर फैसला लिया जाएगा. नये शिक्षा सत्र से स्कूल खुलने में अब सिर्फ दो दिन बाकी थे. उससे पहले ये फैसला हो गया.

बीते साल मार्च से बंद हैं स्कूल
मध्य प्रदेश में पूरे एक साल से पहली से लेकर कक्षा आठवीं तक के स्कूल बंद हैं. बीते साल मार्च महीने से पहली से लेकर आठवीं तक के सरकारी और निजी स्कूल बंद हैं. स्कूल बंद होने के बाद छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन क्लासेज जारी हैं. पहले हाई और हायर सेकेंड्री स्कूल भी बंद थे लेकिन बाद में कुछ शर्तों के साथ खोल दिये गए थे.

एक अप्रैल से शुरू होना था नया शिक्षा सत्र
एमपी में एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू होना था. 10 मार्च को स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने पहली से आठवीं तक के स्कूल खोलने का आदेश जारी किया था. दस मार्च के बाद लगातार बढ़ते कोरोना के ग्राफ के बीच सीएम के बयान के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा था कि एक दो दिन में स्कूल खोलने को लेकर फैसला होगा. इसके 20 दिन बीतने के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूल ना खोलने को लेकर कोई भी लिखित आदेश जारी नहीं किया गया. दरअसल स्कूल खोलने के लिए लगातार दुविधा बनी हुई थी.

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