Pagdi Sambhal Jatta Stir: साल 1907 में पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) के किसानों ने अंग्रेजों के कृषि कानूनों (Farm Law) के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया था, जिसे पगड़ी संभाल जट्टा नाम मिला. इसकी अगुवाई शहीद भगत सिंह (Bhagat Singh) के चाचा अजीत सिंह (Ajit Singh) ने की थी. 23 फरवरी को उनकी जयंती मनाई जाती है.

दिल्ली. तीन कृषि कानून (Agriculture Law) के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच मंगलवार को दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर किसानों ने शहीद भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह की याद में ‘पगड़ी संभाल दिवस’ मनाया. मंच पर अजीत सिंह और स्वामी सहजानंद सरस्वती की तस्वीर रखी थी जिस पर किसान नेताओं ने पुष्प अर्जित किए. साथ ही प्रदर्शन में शामिल किसानों ने अपनी क्षेत्रीय पगड़ी पहनी थी. किसान नेता मंजीत राय ने कहा कि आज चाचा अजीत सिंह, जो शहीद भी थे, वो किसानों के लिए लड़े थे. आज उनकी जयंती मनाई जाएगी.

मंजीत राय ने कहा कि अजीत सिंह को श्रद्धांजलि देंगे और साथ ही पुष्प अर्पित करेंगे. आज जितने लोग होंगे उनके जीवन पर ही बोलेंगे. उनके योगदान के बारे में आंदोलनरत किसानों को बताया जाएगा. संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक, इस पगड़ी संभाल दिवस में शहीद भगत सिंह के परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे. संयुक्त किसान मोर्चा के सभी मोर्चों ने आज ‘पगड़ी संभाल दिवस’ मनाया.

किसान नेताओं का बड़ा ऐलान

आपको बता दें कि पगड़ी दिवस के अलावा 24 फरवरी को दमन विरोधी दिवस, 26 फरवरी को युवा किसान दिवस और 27 फरवरी को मज़दूर किसान दिवस मनाया जाएगा. किसान नेताओं का कहना है कि ये आंदोलन का दूसरा चरण है. किसान 28 फरवरी को आंदोलन के तीसरे चरण की रूपरेखा सामने रखेंगे. गौरतलब हो कि सिंघु, टिकरी और ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर किसान पिछले करीब तीन महीनों से कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर हैं.
किसान रैली में दिखा लक्खा
दिल्ली में 26 जनवरी को हुई हिंसा का आरोपी लक्खा सिधाना बठिंडा में मंगलवार को आयोजित एक किसान महारैली में पहुंच गया. लक्खा रैली के मंच पर मौजूद है और बताया जा रहा है कि वह किसानों के सामने भाषण भी देगा. मौके पर भारी संख्या में पंजाब पुलिस के जवान मौजूद हैं. इतना ही नहीं, किसान नेता पुलिस को यह भी कह रहे हैं कि अगर हिम्मत है, तो वे लक्खा को पकड़कर दिखाए.

बता दें कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा मामले में लक्खा सिधाना दिल्ली पुलिस का वांछित आरोपी है. उसके ऊपर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है. यह महारैली महराज गांव में हो रही है, जो कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का पैतृक गांव भी है.

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