◼️नही आये मंत्री जी, घंटो इंतजार करती रही महिलाएं
◼️प्रशासन बेखबर, नही थी कोई जानकारी
◼️भूखी प्यासी 5 घंटे इंतजार करती रही महिलाएं
◼️ सेवा संस्थान के कार्यक्रम में शामिल होना था, नही आये
सीहोर/कमल पांचाल/  मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार के किसान कल्याण ओर कर्षि विभाग के मंत्री कमल पटेल अपने बेबाक बयानों और फायरब्रांड अंदाज से तो जाने ही जाते है लेकिन इन दिनों मंत्री का कार्यक्रमों में देरी से पहुचना आदत में शुमार हो गया है जिससे मंत्री जी की छवि खराब हो ही रही है वही शिवराज सरकार की साख पर भी बट्टा लग रहा है । ताजा मामला सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले की आष्टा विधानसभा का है जहां मंत्री जी को निर्धारित समय मे एक कार्यक्रम में शामिल होना था लेकिन मंत्री जी घंटो इंतजार कराने के बाद भी नही पहुंचे जिससे मंत्री जी का इंतजार कर रही सैकड़ो महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस दौरान मंत्री जी के इंतजार में आयोजन स्थल पर स्व सहायता समूह की सेकड़ो महिलाएं अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ भूखे प्यासे बैठी रही रही । जिससे महिलाओं की गोद मे बैठे बच्चे रोते बिलखते रहे ।
घंटो कराया इंतजार,अंत मे नही आये
प्रदेश के किसान कल्याण एवं कर्षि विभाग के मंत्री का आष्टा के संस्थान द्वारा आयोजित निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने का आधिकारिक सूचना पत्र जारी हुआ जिसके अनुसार मंत्री जी को 2 बजकर 15 मिनिट पर इस कार्यक्रम में शामिल होना था लेकिन 5 बजकर 30 मिनिट तक मंत्री जी कार्यक्रम में शामिल नही हो पाए इसके बाद 6 बजे सीहोर जनसपंर्क विभाग ने मंत्री जी का कार्यक्रम में शामिल ना होने की जानकारी दी।
बच्चों को गोद में लेकर घंटो बैठी रही महिलाएं,प्रशासन बेखबर रहा
इस दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम में सैकड़ो स्व सहायता समहू की महिलाएं मंत्री जी के इंतजार में घंटो से बैठी है जिनमे कई महिलाओं की गोद मे छोटे छोटे बच्चे भी थे जो कैमरे के सामने रोते बिलखते दिखाई दिए लेकिन चौकाने वाली बात यह देखने को मिली कि स्थानीय प्रशासन को इस मामले की कोई जानकारी प्राप्त नही थी
जब आष्टा तहसीलदार रघुवीर मारवी से जानकारी प्राप्त करना चाही तो उन्होंने कहा मुझे इसकी कोई जानकारी नही है जनपद पंचायत सीइओ से जानकारी लेकर बताता हूं । वही जब महिलाओं से जानकारी प्राप्त की गई तो कई महिलाओं ने बताया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों से सुबह 11 बजे की आई है और सभी महिलाएं स्व सहायता समहू में कार्य करती है इस दौरान कई महिलाएं तो अपने घर का दैनिक कार्य छोड़कर आई है ।वही जब घंटो इंतजार के बाद भी मंत्री जी नही आये तो भूखी प्यासी बैठी महिलाएं नाराज होती ही आयोजन स्थल से चली गई । अब सवाल स्थानीय प्रशासन पर खड़ा होता है कि जब जनसपंर्क विभाग ने मंत्री जी के कार्यक्रम की जानकारी का आधिकारिक पत्र जारी किया है तो फिर स्थानीय प्रशासन को क्या कार्यक्रम की भनक नही लगी? वही जब कार्यक्रम में सेकड़ो महिलाएं भूखी प्यासी अपने रोते बिलखते बच्चों के साथ बैठी रही तो इनके भोजन, पानी की व्यवस्था क्यो नही की ?
क्यो इन महिलाओं को मंत्री जी के इंतजार में घंटो बिठाया गया ?
खेर सत्ताधारी दल के मंत्री जी के इस तरह से कार्यक्रमों में देरी से पहुचना और इंतजार कराना शिवराज सरकार की छवि को खराब करता है ।

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