पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे जयललिता की करीबी रहीं वीके शशिकला भ्रष्टाचार (Corruption) के आरोपों में जेल में बंद थीं. बीते महीने उनकी रिहाई के बाद तमिलनाडु में सियासी पारा बढ़ गया है. उन्होंने पार्टी महासचिव पद वापस पाने के लिए कोर्ट में आवेदन दायर किया है.

चेन्नई. AIADMK की बर्खास्त प्रमुख वीके शशिकला (VK Sasikala) जेल से रिहा हो गई हैं. उन्होंने अपना पद वापस पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है. शशिकला ने चेन्नई कोर्ट में तमिनलाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी (EPS) और उनके डिप्टी ओ पन्नीरसेल्वम (OPS) के खिलाफ आवेदन दाखिल किया है. खास बात है राज्य में विधानसभा चुनाव (Tamil Nadu Assembly Election) होने में कुछ ही महीने बचे हैं. ऐसे में शशिकला की राज्य में मौजूदगी ने सियासी पारा बढ़ा दिया है.

शशिकला ने इससे पहले 2017 में AIADMK की एक जनरल काउंसिल की मीटिंग को लेकर मुकदमा दायर किया था. इस मीटिंग का आयोजन EPS और OPS ने उन्हें महासचिव पद से हटाने के लिए किया है. अब ताजा आवेदन में शशिकला ने मामले की जल्द से जल्द सुनवाई और जुर्माने की मांग की है. अदालत में इस मामले को लेकर आगामी 15 मार्च को सुनवाई की जानी है.

कभी राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे जयललिता की करीबी रहीं शशिकला उनके निधन के बाद पार्टी प्रमुख के तौर पर आगे आई थीं. वो राज्य में सीएम की गद्दी से महज थोड़ी ही दूरी पर थीं. हालांकि, इसी दौरान उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में 4 साल की जेल हो गई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जेल जाने से पहले उन्होंने EPS को सीएम के तौर पर चुना था, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में मौजूदा सीएम ने OPS से हाथ मिला लिया. खास बात है कि पन्नीरसेल्वम ने शशिकला के नेतृत्व के खिलाफ बगावत की थी.

शशिकला हाल ही में कोरोना वायरस की चपेट में आ गई थीं. जिसके चलते उन्हें विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उस दौरान वो न्यायिक हिरासत में थी. जेल अथॉरिटीज ने उन्हें औपचारिक तौर पर 27 जनवरी को रिहा कर दिया था.

राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही पार्टी में आंतरिक कलह बढ़ गई हैं. बीती जनवरी में सीएम ने बीजेपी लीडरशिप से मीटिंग के बाद घोषणा कर दी थी कि शशिकला को पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा, लेकिन उनकी वापसी के बाद से ही सीएम चुप हैं. हालांकि, वो इस दौरान शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरण पर निशाना साध रहे हैं.

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