पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले (Nana Patole) ने अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार को चेतावनी दी है. कांग्रेस नेता अभिनेताओं की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं मिलने से नाराज हैं.

मुंबई. महाराष्ट्र कांग्रेस (Maharashtra Congress) प्रमुख नाना पटोले पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel Price) की बढ़ती कीमतों से खासे नाराज चल रहे हैं. उन्होंने ईंधन कीमतों को लेकर बॉलीवुड (Bollywood) सेलेब्स पर निशाना साधा है. पटोले ने अभिनेताओं को चेतावनी दी है कि बढ़ती कीमतों पर कुछ नहीं, तो महाराष्ट्र में शूटिंग नहीं होने देंगे. कांग्रेस नेता अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार जैसे सेलेब्स की मामले पर चुप्पी से खफा है. हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के नेता राम कदम (Ram Kadam) में कांग्रेस नेता के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.

गुरुवार को भंडारा में नाना पटोले ने अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachachan) और अक्षय कुमार (Akshay Kumar) समेत बॉलीवुड कलाकारों से सवाल किया कि संप्रग सरकार (UPA Government) में ईंधन की बढ़ती कीमतों पर ट्वीट करने वाले ये कलाकार अब चुप क्यों हैं. उन्होंने आरोप लगाए हैं कि दोनों कलाकार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के वक्त बहुत ट्वीट करते थे. लेकिन मोदी सरकार को लेकर कुछ नहीं कह रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘अब इसकी कीमत करीब 100 रुपए प्रति लीटर है. वे चुप क्यों हैं? क्या उनमें तानाशाह मोदी सरकार के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं है?’ उन्होंने कहा, ‘संप्रग सरकार लोकतांत्रिक तरीके से काम करती थी, इसलिए वे इसकी आलोचना कर सकते थे. पटोले ने आमजन को राहत देने के लिए पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दाम कम किए जाने की अपील की.

बीजेपी का पलटवार
बीजेपी प्रवक्ता राम कदम ने पटोले के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कांग्रेस नेता पर अभिनेताओं को धमकाने का आरोप लगाया है. उन्होंने ट्विटर पर पटोले का वीडियो शेयर कर लिखा ‘कांग्रेस नेताओं की दिन दहाडे़ अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार को धमकी, क्या ये सम्मानित कलाकार देश के हित में ट्वीट करे यह अपराध है? क्या हो गया है कॉंग्रेस नेताओं को? वे याद रखे देश के साथ खडे़ रहनेवाले हर एक के साथ सारा देश खड़ा है.’

सिने सितारे बन रहे शिकार
फतेहगढ़ साहेब के बस्सी पठान शहर में 11 जनवरी को अभिनेत्री जान्हवी कपूर की फिल्म की शूटिंग चल रही थी. इसी दौरान कुछ किसान समूहों ने वहां पहुंचकर एक्ट्रेस से किसान आंदोलन और कृषि कानून के मुद्दे पर उनसे राय देने की मांग की थी.

LEAVE A REPLY