पीएम ने डॉक्टरों और नर्सों के लिए एक विशेष वीजा बनाने का सुझाव भी दिया. खास बात है कि भारत ने अपने कई पड़ोसी मुल्कों को मुफ्त में वैक्सीन पहुंचाई है.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) गुरुवार को कोविड-19 प्रबंधन को लेकर एक वर्कशॉप (Covid-19 Workshop) को संबोधित कर रहे हैं. इस वर्कशॉप में पाकिस्तान समेत 10 देश शामिल हुए हैं. इस दौरान उन्होंने देशों के बीच आपसी सामंजस्य और मिलकर काम करने की बात कही. उन्होंने कहा कि बीते साल में हमारे स्वास्थ्य सहयोग ने काफी कुछ हासिल किया है. वहीं, पीएम ने डॉक्टरों और नर्सों के लिए एक विशेष वीजा बनाने का सुझाव भी दिया. खास बात है कि भारत ने अपने कई पड़ोसी मुल्कों को मुफ्त में वैक्सीन पहुंचाई है.

गुरुवार को पीएम मोदी ने कार्यशाला के दौरान कहा, ‘हमारे क्षेत्र और दुनिया की उम्मीदें वैक्सीन के तेज विकास पर टिकी हुई हैं. हमें इसमें भी सहकारी और सहयोगी भावना को बनाए रखना चाहिए.’ पीएम ने कहा, ‘बीते साल में हमारे स्वास्थ्य सहयोग ने काफी कुछ हासिल किया है.’

क्षेत्रीय वायु एंबुलेंस समझौते पर की चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘क्या हमारे नागरिक उड्डयन मंत्रालय चिकित्सा आकस्मिकताओं के लिए एक क्षेत्रीय वायु एंबुलेंस समझौते का समन्वय कर सकते हैं?’ क्या हम एक ऐसा क्षेत्रीय मंच तैयार कर सकते हैं जहां हमारी आबादी के बीच कोविड-19 महामारी के टीकों के असर के बारे में जुटाए गए डाटा को एक साथ लाकर उनका संकलन और अध्ययन किया जा सके?

प्रधानमंत्री ने एशियाई क्षेत्र में आपात स्वास्थ्य स्थितियों के दौरान डॉक्टरों और नर्सों की तैनाती के लिए विशेष वीजा योजना का सुझाव दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि हम इस पर ध्यान केंद्रित करते हैं कि हमें क्या एकजुट करता है तो हमारा क्षेत्र न केवल कोरोना महामारी वरन अन्य चुनौतियों को भी दूर कर सकता है.

आयुष्मान भारत और जन औषधि योजनाओं का किया जिक्र
सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने के सिलसिले में उन्होंने कई अहम सुझाव भी दिए. उन्होंने स्वास्थ्यकालीन आपातकाल की स्थिति में चिकित्सकों और नर्सों के आवागमन के लिए विशेष वीजा योजना बनाए जाने, कोविड-19 के टीकों के प्रभाव को लेकर एक क्षेत्रीय मंच बनाने और अन्य देशों द्वारा भारत में चलाई जा रही आयुष्मान भारत और जन औषधि योजनाओं को ‘‘केस स्टडी’’ के रूप में आगे बढ़ाने का सुझाव दिया.

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