बीकेयू नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा सरकार को ये नहीं सोचना चाहिए की किसानों का विरोध दो महीने में खत्म  हो जाएगा. किसान फसल के साथ विरोध प्रदर्शन करेंगे.

जींद. केंद्र सरकार के कृषि बिल (Farm Law) के खिलाफ गुरुवार को किसान ने देशभर में रेल रूट को जाम किया. किसानों के रेल रोको आंदोलन के बीच राकेश टिकैत (Rakesh Tikait)  ने केंद्र सरकार को एक तरह से खुली धमकी दे दी है. हरियाणा के खरक पुनिया में  बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार को किसी भी तरह कि गलत धारणा नहीं होना चाहिए कि किसान फसल की कटाई के लिए वापस जाएंगे. टिकैत ने कहा कि अगर वे जोर देते हैं, तो हम अपनी फसलों को जला देंगे. सरकार को ये नहीं सोचना चाहिए कि विरोध 2 महीने में खत्म हो जाएगा. हम फसल के साथ-साथ विरोध करेंगे.

सरकार पर निशाना साधते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि फसलों की कीमतों में इजाफा नहीं हुई है, लेकिन ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं. अगर केंद्र ने स्थिति को बर्बाद कर दिया, तो हम अपने ट्रैक्टरों को पश्चिम बंगाल में भी ले जाएंगे. किसानों को वहां भी एमएसपी भी नहीं मिल रही.

किसानों का प्रदर्शन

कृषि बिलों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार को किसान देशभर में रेल मार्ग जाम किया. किसान बरसोला गांव के पास रेलवे ट्रैक पर जाकर बैठ गए. इस दौरान बड़ी संख्या में किसान इक्क्ठा हुए. महिलाएं भी इस दौरान रेलवे ट्रैकर बैठी नजर आईं. वहीं किसान रेलवे की पटरी पर बैठ कर ताश खेल रहे हैं. रस्‍सी बांधकर रेल मार्ग को बाधित कर दिया गया है. भारी संख्‍या में सुरक्षा बल भी तैनात है. रेलवे स्‍टेशन के बाहर भी भरी संख्‍या में जवान मौजूद हैं. दिल्‍ली अंबाला मुख्‍य रेल मार्ग होने की वजह से सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पानीपत, अंबाला, कुरुक्षेत्र, जींद, कैथल, यमुनानगर, करनाल में भी जवान तैनात हैं.

लंगर से रागिनी तक की सुविधा

किसानों ने रेलवे स्टेशन के एक प्लेटफार्म पर बाकायदा दरियां बिछाकर धरना देने से लेकर लंगर और रागिनी तक की व्यवस्था की है. फिलहाल आला अधिकारियों की निगरानी में पुलिस किसानों की हर गतिविधि पर नजर रख रही है. वहीं घरौंडा सहित आसपास के क्षेत्रों से नारेबाजी करते हुए जत्थों के रूप में किसानों का रेलवे स्टेशन पर पहुंचना लगातार जारी.

LEAVE A REPLY