हर जिले के तहसीलों के बड़े गांवों से जय जवान-जय किसान (Jai Jawan-Jai Kisan) अभियान की शुरुआत कांग्रेस (Congress) कर रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस के लिए पश्चिमी यूपी मजबूत जमीन रही है. कई बड़े कांग्रेसी नेता यहां की राजनीति में मजबूत दखल रखते हैं. कांग्रेस इस अभियान से किसान जातियों खास कर- हिंदू, मुस्लिम, जाटों और गुर्जरों में मजबूत पकड़ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में पार्टी को दोबारा धार देने की कोशिशों में जुटी हैं
नई दिल्ली. पश्चिमी उत्तर प्रदेश (West UP) में किसान आंदोलन (Farmers Agitation) की मजबूत जमीन तैयार हो गई है. सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ समेत कई जिलों में किसान आंदोलन का तीखा प्रभाव है. सैकड़ों गांवों के लोग रोजाना गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) पर आते-जाते रहते हैं. जहां एक तरफ गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का मजमा लगा है अब दूसरी तरफ गांव-गांव किसान आंदोलन की रूपरेखा कांग्रेस (Congress) ने तय कर ली है. हर जिले के तहसीलों के बड़े गांवों से जय जवान-जय किसान अभियान की शुरुआत कांग्रेस कर रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस के लिए पश्चिमी यूपी मजबूत जमीन रही है. कई बड़े कांग्रेसी नेता यहां की राजनीति में मजबूत दखल रखते हैं. कांग्रेस इस अभियान से किसान जातियों खास कर- हिंदू, मुस्लिम, जाटों और गुर्जरों में मजबूत पकड़ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है.

कांग्रेस इस अभियान के तहत उन जिलों को प्राथमिक तौर पर टारगेट कर रही है जहां पर मजबूत किसान राजनीति का आधार रहा है. साथ ही इन जिलों में किसान आंदोलन का अच्छा खासा प्रभाव रहा है. सहारनपुर, शामली, मुज़फ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, बदायूं, बरेली, रामपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई समेत 27 जिलों जय जवान-जय किसान अभियान मजबूती से शुरू हो रहा है.

प्रियंका गांधी समेत सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभियान में करेंगे शिरकत

सूत्रों के हवाले से यह भी तय माना जा रहा है कि सहारनपुर में 10 फरवरी को जय जवान-जय किसान अभियान के लिए नाकुड़ तहसील में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी पहुंच रही हैं. बता दें कि प्रियंका गांधी पिछले दिनों रामपुर के बिलासपुर के शहीद किसान नवरीत सिंह के अंतिम अरदास में पहुंची थीं. उन्होंने अंतिम अरदास में कहा था कि सरकार को हर हाल में किसान विरोधी कानून वापस लेना ही होगा. शहीद हुए किसानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी.

दस दिवसीय जय जवान-जय किसान अभियान में उत्तर प्रदेश समेत देश के कई बड़े नेता शामिल होंगे. निर्मल खत्री, प्रमोद तिवारी, हरेंद्र मलिक, इमरान मसूद, राजबब्बर, दीपक सिंह, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, राकेश सचान, प्रदीप आदित्य जैन, सचिन पायलट, रणदीप सुरजेवाला, हार्दिक पटेल, नवजोत सिंह सिद्धू, दीपेंद्र हुड्डा, मीम अफजल, बेगम नूर बानो, पी.एल पुनिया, प्रदीप माथुर, राशिद अल्वी, बॉक्सर विजेंदर सिंह, इमरान प्रतापगढ़ी, पंकज मलिक, विश्वेंद्र सिंह, प्रवीण एरन, आचार्य प्रमोद कृष्णन, जफर अली नकवी, अरुण यादव, आर.के चौधरी, विनोद चतुर्वेदी, विवेक बंसल, सर्वराज सिंह, आरपीएन सिंह, मो. मुकीम, संजय कपूर, हफीजुर्रहमान, युसुफ अली तुर्क, गजराज सिंह, राजकुमार वेरका और मोहम्मद जावेद समेत कई बड़े नेता जिलावार कार्यक्रमों में शामिल होंगे. साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा विभिन्न जिलों में हिस्सा लेंगी.

यूपी कांग्रेस ने अभी पिछले दिनों अपने ब्लॉक कमेटी और न्यायपंचायत की बैठकें पूरी की हैं. यूपी कांग्रेस ने ब्लॉक और न्यायपंचायत स्तर पर 28,575 कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम तैयार कर ली जिसके जरिए अपने अभियानों और कार्यक्रमों को मजबूती से कर रही है. पिछले दिनों विधानसभा वार पदयात्रा में संगठन की ताकत दिखी थी.

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