Budget 2021-22: इस बार का बजट ज्‍यादा आयवालों के लिए एक बुरे सपने की तरह हो सकता है. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा सालाना PF योगदान पर मिलने वाले ब्‍याज पर टैक्‍स लगाने का प्रस्‍ताव दिया है.

नई दिल्‍ली.  वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को मोदी सरकार का बजट पेश किया. इस बार के बजट में इनकम टैक्‍स के स्‍लैब में किसी भी तरह का बदलाव करने का प्रस्‍ताव नहीं है. दूसरी तरफ, ज्‍यादा सालाना आय वालों के लिए यह बजट एक झटके की तरह है. दरअसल, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्‍त वर्ष से प्रति वर्ष 2.5 लाख रुपये या उससे ज्‍यादा का PF (Provident Fund) योगदान पर मिलने वाले ब्‍याज को टैक्‍स के दायरे में लाने का प्रस्‍ताव रखा है. ऐसे में ज्‍यादा कमाई करने वालों को अब भविष्‍य निधि पर मिलने वाले ब्‍याज पर भी कर देना होगा. सरकार का यह प्रस्‍ताव हाई नेटवर्थ इनकम (HNI) वालों के लिए एक झटके की तरह है. हालांकि, सरकार को नए टैक्‍स प्रावधान से करोड़ों रुपये मिलने की उम्‍मीद है.

दिलचस्‍प है कि ज्‍यादा कमाई करने वालों पर लगने वाले इस टैक्‍स का वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में जिक्र ही नहीं किया. गौरतलब है कि पिछले बजट में पीएफ, एनपीएस और सुपर-एनुएशन फंड में कुल सालाना योगदान 7.5 लाख रुपये से ज्‍यादा होने पर उस पर मिलने वाले इंट्रेस्‍ट को टैक्‍स के दायरे में रखा गया था. इससे बहुत ही कम कर्मचारी प्रभावित हुए थे, लेकिन बजट 2021-22 में किए गए नए प्रावधान से इसका दायरा विस्‍तृत हुआ है. अब करदाताओं की संख्‍या बढ़ेगी और इस तरह सरकार की आय में भी इजाफा होगी. खासकर स्‍वैच्छिक भविष्‍य निधि (Voluntary Provident Fund) के जरिये टैक्‍स फ्री ब्‍याज पाने वालों को इससे तगड़ा झटका लगा है. अब वे इसका फायदा नहीं उठा सकेंगे.

कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते बड़े पैमाने पर नौकरियां गईं और व्‍यवसाय को भी काफी नुकसान हुआ. ऐसे में आम लोग आयकर स्‍लैब में बदलाव की उम्‍मीद लगाए बैठे थे, लेकिन मोदी सरकार ने उनकी आशाओं को पूरा नहीं किया. इस बार के बजट में इनकम टैक्‍स के स्‍लैब में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है. उसे पूर्ववत ही रखा गया है. इससे खासकर नौकरीपेशा लोगों को बड़ी निराशा हुई है.

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