गौरतलब रहे बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक वर्ग के युवा मंत्रालय की योजना का फायदा उठाकर सिविल सर्विस की तैयारी कर आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) बनने का ख्वाब पूरा करते हैं.

नई दिल्ली. बजट 2021-22 (Budget 2021) में हुई एक घोषणा से अल्पसंख्यकों (Minority) को झटका लगा है. नए बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट कम कर दिया है. एक ही झटके में 219 करोड़ रुपये बजट कम कर दिए गया है. नए बजट के तहत अब 4810 करोड़ रुपये खर्च के लिए दिए जाएंगे. जबकि पिछले साल 5029 करोड़ रुपये अल्पसंख्यकों की कोचिंग (Coaching) और छात्रवृत्ति (Scholarship) समेत दूसरी योजनाओं के लिए दिए गए थे. 2020 में 44 मुस्लिम युवाओं ने सिविल सर्विस की परीक्षा पास की थी. खास बात यह है कि हर साल यह नंबर बढ़ रहा है.

सेंटर फॉर कोचिंग एंड करियर प्लानिंग एकेडमी, जामिया यूनिवर्सिटी के डिप्टी डायरेक्टर प्रो. मोहम्मद तारिक के मुताबिक एक वक्त ऐसा भी था कि जब यहां कोचिंग के लिए 800 तक एप्लीकेशन फॉर्म आते थे. उसके बाद यह नंबर 1600 तक पहुंच गया. 2018 में रिकॉर्ड 7245 फॉर्म आए थे. जबकि 2019 में तो जो हुआ उसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था. कोचिंग में एंट्रेंस के लिए होने वाले एग्जाम में बैठने के लिए 13129 एप्लीकेशन फॉर्म हमें मिले. यह अब तक का एक रिकॉर्ड है.

किस परीक्षा में कितने उम्मीदवारों को कितनी मिलती है मदद

यूपीएससी में एक लाख रुपये.
सीट-मुस्लिम 219, ईसाई 36, सिक्ख 24, बौद्ध 10, जैन 9 और पारसी 2.

स्टेट पीएससी (राजपात्रित) 50 हज़ार रुपये.

सीट-मुस्लिम 1460, ईसाई 240, सिक्ख 160, बौद्ध 66, जैन 60 और पारसी 12.

एसएससी 25 हज़ार रुपये.

सीट-मुस्लिम 1460, ईसाई 240, सिक्ख 160, बौद्ध 66, जैन 60 और पारसी 12.

स्टेट पीएससी (अराजपात्रित) 25 हज़ार रुपये.

सीट-मुस्लिम 584, ईसाई 97, सिक्ख 64, बौद्ध 26, जैन 25 और पारसी 4.

नोट- सभी परीक्षाओं को मिलाकर कुल 5100 उम्मीदवारों को परीक्षाओं की तैयारी के लिए मंत्रालय आर्थिक मदद करता है.

इस योजना में एक शर्त यह है कि छात्र को कोचिंग की सभी कक्षाएं अटैंड करना अनिवार्य है.

कोई छात्र बिना किसी कारण 15 दिन से ज्यादा अनुपस्थित रहता है या बीच में कोचिंग छोड़कर चला जाता है, तो ऐसी स्थिति में उस पर किया गया पूरा खर्च उससे वसूल किया जाएगा.

इस योजना में कोचिंग की कुल सीटों की 30 फीसदी सीट छात्राओं के लिए आरक्षित रखी जाएंगी.

यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए आवासीय कोचिंग का लाभ एक बार ही लिया जा सकता है. यदि छात्र दूसरे साल फिर तैयारी करना चाहता है तो उसे कोचिंग की सेवाओं की 50 फीसदी फीस चुकानी होगी. साथ ही शपथ-पत्र देना होगा कि उसने पहले कभी इस योजना का लाभ नहीं लिया है.

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