हिमाचल के लिए कांग्रेस ने तीन कमेटियों का गठन किया है, लेकिन आनंद शर्मा को इसमें शामिल नहीं किया गया. यह पहली बार है जब हिमाचल के लिए बनी पार्टी की कमेटी में आनंद शर्मा को जगह नहीं दी गई है. आनंद शर्मा कांग्रेस के उन 23 असंतुष्ट नेताओं में शामिल रहे हैं, जिन्होंने पार्टी संगठन में बदलाव की मांग को लेकर चार महीने पहले सोनिया गांधी को पत्र लिखा था. 

  • नई दिल्ली ,कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश के लिए बुधवार को राजनीतिक मामलों की समिति समेत कुल तीन समितियों का गठन किया, जिनमें हिमाचल से ही संबंध रखने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा को शामिल नहीं किया गया. यह पहली बार है जब हिमाचल के लिए बनी पार्टी की कमेटी में आनंद शर्मा को जगह नहीं दी गई है. आनंद शर्मा कांग्रेस के उन 23 असंतुष्ट नेताओं में शामिल रहे हैं, जिन्होंने पार्टी संगठन में बदलाव की मांग को लेकर चार महीने पहले सोनिया गांधी को पत्र लिखा था.

    कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि सोनिया गांधी ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तीन समितियों का गठन किया है. इसमें राजनीतिक मामलों की समिति (चुनाव रणनीति समिति), समन्वय समिति और अनुशासनात्मक समिति के गठन को स्वीकृति दी गई है.

    कांग्रेस के हिमाचल प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला को राजनीतिक मामलों की समिति और समन्वय समिति का अध्यक्ष बनाया गया है जबकि विप्लव ठाकुर को अनुशासनात्मक समिति का प्रमुख बनाया गया है. इन दोनों नेताओं के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को राजनीतिक मामलों की समिति और समन्वय समिति के 14 सदस्यों में जगह दी गई है, लेकिन आनंद शर्मा को शामिल नहीं किया गया है.

    बता दें कि अगस्त के महीने में आनंद शर्मा और गुलाम नबी सहित 23 कांग्रेसी नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी के पूर्णकालिक अध्यक्ष के चुनाव कराने की मांग के साथ-साथ संगठनात्मक बदलाव की बात कही थी. माना जा रहा था कि इस पत्र के बहाने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी पर निशाना साधा था. इसे लेकर कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में काफी वाद-विवाद भी हुआ था.

    गांधी परिवार के कई करीबी नेताओं ने आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद पर भी सवाल खड़े करते हुए निशाना साधा था, जिसके बाद विवाद काफी बढ़ गया था. हाल ही में सोनिया गांधी ने आनंद शर्मा सहित कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं में से कुछ लोगों के साथ मुलाकात और बैठक की थी, जिसमें कांग्रेस के अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चर्चा हुई. इसकी बाद खबर आई थी कि राहुल गांधी ने कहा है कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी वो उसे संभालने के लिए तैयार हैं.

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