अब आप पेट्रोल पंप पर ज्यादा रुपये देने के लिए तैयार रहिए, क्योंकि पेट्रोल-डीजल की कीमत में दो रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। बताया जा रहा है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से यह बढ़ोतरी हो सकती है।

बता दें कि कोरोना वैक्सीन मिलने की उम्मीदों से सोमवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम दो फीसदी से ज्यादा बढ़े और मंगलवार को भी तेजी रही। मार्च के बाद पहली बार क्रूड के भाव 47 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंचे हैं।
तेल ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि कोविड-19 पर काबू पाने की उम्मीदों से 2021 में ईंधन की खपत बढ़ने का अनुमान है। लगातार परीक्षण से जल्द वैक्सीन की उम्मीद भी बढ़ी है और तेल की खपत में तेजी आ रही है। मांग में इजाफे से ब्रेंट क्रूड के भाव बढ़कर 46.72 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए।

यह 6 मार्च के बाद का उच्चतम स्तर है। डब्ल्यूटीआई भी 43.38 डॉलर प्रति बैरल के भाव बिका। ओपेक और सहयोगी देशों ने क्रूड के दाम नियंत्रित करने के लिए उत्पादन में 1.20 करोड़ बैरल की बड़ी कटौती की थी, लेकिन महामारी के दबाव में मार्च से ही कीमतें 40 डॉलर के आसपास बनी हुई थीं।

दिल्ली में पेट्रोल 5 दिनों में 95 पैसे बढ़कर 81.59 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि 2021 की शुरुआत में क्रूड 58 डॉलर तक पहुंच सकता है। उत्पादन और कीमतों को लेकर ओपेक देशों की 30 नवंबर को बैठक भी होने वाली है।

 

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