पिछले कुछ सालों में चीन ने अपने मित्र देशों को बड़ी तादाद में सैनिक साजो-सामान बेचा है. लेकिन इनमें से ज्यादातर खराब थे या अपनी उम्र पूरी कर चुके थे

नई दिल्ली: चीन (China) की दोस्ती से परेशान देशों की तादाद लगातार बढ़ रही है. पिछले कुछ सालों में चीन ने अपने मित्र देशों को बड़ी तादाद में सैनिक साजो-सामान (Military Equipments) बेचा है. लेकिन इनमें से ज्यादातर खराब थे या अपनी उम्र पूरी कर चुके थे. चीनी माल से ठगे गए देशों की सूची में पाकिस्तान, म्यांमार, नेपाल, बांग्लादेश जैसे पड़ोसियों से लेकर केन्या और अल्जीरिया जैसे अफ्रीकी देश भी शामिल हैं. इन सामानों में बख्तरबंद गाड़ियां, पनडुब्बी, हवाई जहाज सभी कुछ शामिल हैं.

चीन ने सबसे बड़े सहयोगी पाकिस्तान को भी नहीं बख्शा
पाकिस्तान ने पिछले दशक में चीन के साथ चार ज़ुल्फिकार क्लास फ्रिगेट्स (F-22P Zulfiquar-class frigate) का सौदा किया था. इन्हें चीनी टेक्नोलॉजी के आधार पर चीन और पाकिस्तान में बनना था. पहला फ्रिगेट 2009 में और आखिरी 2013 में पाकिस्तान नौसेना में शामिल हुआ. लेकिन जल्द ही इनमें बड़ी तकनीकी खराबियां सामने आ गईं. 2018 में पाकिस्तान ने चीन से इनके ओवरहॉल की बात की. लेकिन चीन ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. मजबूरी में पाकिस्तान अब तुर्की से इन्हें ठीक-ठाक करा रहा है.

इसके अलावा पाकिस्तान ने अपने एयर डिफेंस को मजबूत करने के लिए चीन से 9 LY-80 LOMADS एयर डिफेंस सिस्टम भी खरीदे थे, जिन्हें 2017 से पाकिस्तान की सेना में शामिल करना शुरू हुआ था. लेकिन 3 साल में ही इनमें से 3 सिस्टम्स गाइडेंस वेहिकल, सर्च वेहिकल और फायरिंग व्हीकल की खराबी की वजह से बेकार हो गए. अब पाकिस्तान इनको ठीक करने के लिए चीन से बात कर रहा है.

बांग्लादेश को भी बेचा घटिया क्वालिटि का सामान
बांग्लादेश को चीन ने 2017 में दो सबमरीन बेचीं, जो उसकी मिग क्लास की सबमरीन थीं. ये दोनों 1970 के दशक की थीं और पुरानी पड़ने की वजह से चीनी नौसेना की ट्रेनिंग के काम आती थीं. चीन ने प्रति सबमरीन 670 करोड़ रुपये की कीमत वसूली. लेकिन इन सबमरीन की हालत इतनी खराब थी कि इनका ज्यादातर समय मरम्मत में ही गुजर रहा है. इसी साल बांगलादेश को चीन ने दो 053H3 फ्रिगेट्स भी बेचे. लेकिन पता चला कि इनका नेविगेशन रडार और गन सिस्टम खराब है. चीन ने इन्हें ठीक करने के लिए अतिरिक्त रकम मांगी है.

नेपाल से भी बिगड़े रिश्ते
नेपाल ने चीन से छह Y12E और MA60 एयरक्राफ्ट खरीदे थे, जिनका इस्तेमाल वो अपनी नेशनल एयरलाइंस के लिए करना चाहता था. लेकिन ये सभी एयरक्राफ्ट स्पेयर पार्ट न मिलने के कारण बेकार हो गए. और अब चीन इन्हें बदलने के लिए तैयार नहीं है. नेपाली मीडिया ने इस बारे में चीन और अपनी सरकार दोनों की बहुत आलोचना की है.

सैन्य सामानों के लिए भारत का रुख कर रहा म्यामांर
म्यामांर की सेना भी पिछले कई सालों से चीनी माल की घटिया क्वालिटी से परेशान है और वो अपने सैनिक साजो-सामान की लिए भारत का रुख कर रहे हैं. हाल ही में भारत ने म्यामांर को एक सिंधु क्लास सबमरीन दी है. केन्या ने चीन से 2016 में VN4 बखतरबंद गाड़ियां खरीदी थीं, लेकिन इनके फायरिंग सिस्टम की खराबी की वजह से केन्या के दर्जनों सैनिक मारे जा चुके हैं.

LEAVE A REPLY