बिहार विधानसभा चुनाव रैली में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सासाराम पहुंचे. यहां अपनी पहली सभा में पीएम मोदी ने हिंदीभाषी युवाओं को कहा कि अब मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई मातृभाषा में होगी.

सासाराम में बोलते हुए पीएम मोदी ने युवाओं की शिक्षा, रोजगार और सरकारी नौकरियों को लेकर भी सरकार की इच्छाशक्त‍ि और जमीनी बदलावों पर बात की. उन्होंने कहा कि सरकारी भर्ती प्रक्र‍िया में जो सुधार किए जा रहे हैं, उसका लाभ भी बिहार को मिलना तय है. प्रतियोगी परीक्षाओं के स्वरूप में बदलाव को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस शहर के लोग भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े बड़े शहर की तरफ रुख करते हैं. इसमें उनका धन और ऊर्जा सभी खर्च होते हैं. अब सरकार की ओर से कॉमन इंट्रेंस टेस्ट की पहल ये समस्या सुलझाएगी. कॉमन इंट्रेंस टेस्ट की इस एक परीक्षा से सभी सरकारी नौकरियों में भर्ती होगी.

इसके अलावा उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर का संदर्भ देते हुए कहा कि आज वो सरकार के शिक्षा के लिए किए प्रयासों को देखकर बहुत खुश होते. उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से मातृभाषा में शिक्षा को लेकर बड़ा प्रयास किया जा रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सासाराम रैली में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिये ये कोशिश होगी कि मेडिकल-इंजीनियरिंग से लेकर सभी तकनीकी कोर्सेज को मातृभाषा में पढ़ाया जाए. इससे गांव के, गरीबों के बच्चों का डॉक्टर-इंजीनियर बनने का सपना पूरा होगा. पीएम ने बताया कि इस बिंदु को बिहार में चुनावी मेनिफेस्टो में शामिल किया गया है.

बता दें कि सासाराम रैली के दौरान पीएम के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी रहे. पीएम ने यहां राजद और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. यहां से रैली के दौरान पीएम मोदी गया में पहुंचे, जहां उनके साथ मंच पर पूर्व सीएम जीतनराम मांझी भी मौजूद रहे. गया में भी पीएम मोदी के निशाने पर महागठबंधन रहा और पीएम ने कहा कि आज के बिहार में लालटेन की जरूरत नहीं है, अब बिजली की खपत बढ़ने लगी है.

यह भी पढ़ें

LEAVE A REPLY