प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि देश की भौगोलिक अवधि और विविधता को ध्यान में रखते हुए, वैक्सीन की पहुंच तेजी से सुनिश्चित की जानी चाहिए. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि रसद, वितरण और प्रशासन में हर कदम को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश में कोरोना महामारी की स्थिति और वैक्सीन वितरण की तैयारियों की समीक्षा की, उन्होंने आगे निर्देश दिया कि हमें देश में चुनाव और आपदा प्रबंधन के सफल आयोजन के अनुभव का उपयोग करना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समान तरीके से टीका वितरण और प्रशासन प्रणालियों को लागू किया जाना चाहिए, इसमें राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों, जिला स्तरीय पदाधिकारियों, नागरिक समाज संगठनों, स्वयंसेवकों, नागरिकों और सभी आवश्यक डोमेन के विशेषज्ञों की भागीदारी होनी चाहि, पूरी प्रक्रिया में एक मजबूत आईटी बैकबोन होना चाहिए और सिस्टम को इस तरह से डिज़ाइन किया जाना चाहिए ताकि हमारी स्वास्थ्य प्रणाली के लिए स्थायी मूल्य हो.

आइसीएमआर और बायो-टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित भारत मेंकोरोना वायरस के जीनोम पर दो पैन इंडिया अध्ययन से पता चलता है कि वायरस आनुवंशिक रूप से स्थिर है और वायरस में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है. प्रधानमंत्री ने कोरोना मामलों की गिरावट पर सावधान रहने और महामारी को रोकने के प्रयासों को जारी रखते हुए निष्कर्ष निकालने पर ज़ोर दिया, उन्होंने निरंतर सामाजिक गड़बड़ी पर जोर दिया, उचित व्यवहार जैसे कि मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का ख़्याल और विशेष रूप से आगामी त्योहार के मौसम के मद्देनजर सावधानी रखना ज़रूरी है, प्रधान मंत्री ने दैनिक कोविद मामलों और विकास दर में लगातार गिरावट को नोट किया।

तीन टीके भारत में विकास के उन्नत चरणों में हैं, जिनमें से 2 चरण II में हैं और एक चरण- III में है, भारतीय वैज्ञानिक और अनुसंधान दल पड़ोसी देशों अर्थात अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, मालदीव, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका में अनुसंधान क्षमताओं को सहयोग और मजबूत कर रहे हैं, अपने देशों में नैदानिक ​​परीक्षणों के लिए बांग्लादेश, म्यांमार, कतर और भूटान से और सहयोग का अनुरोध है. पीएम ने निर्देश दिया कि हमें अपने तत्काल पड़ोस में अपने प्रयासों को सीमित नहीं करना चाहिए, बल्कि वैक्सीन वितरण प्रणाली के लिए टीके, दवाइयां और आईटी प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए पूरी दुनिया में पहुंचना चाहिये.

प्रधान मंत्री ने आगे निर्देश दिया कि देश की भौगोलिक अवधि और विविधता को ध्यान में रखते हुए, वैक्सीन की पहुंच तेजी से सुनिश्चित की जानी चाहिए, प्रधान मंत्री ने जोर देकर कहा कि रसद, वितरण और प्रशासन में हर कदम को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए. इसमें कोल्ड स्टोरेज चेन, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, मॉनिटरिंग मैकेनिज्म, एडवांस असेसमेंट और आवश्यक उपकरण तैयार करने की एडवांस प्लानिंग शामिल होनी चाहिए. पूरी प्रक्रिया में एक मजबूत आईटी बैकबोन होना चाहिए और सिस्टम को इस तरह से डिज़ाइन किया जाना चाहिए ताकि हमारी स्वास्थ्य प्रणाली के लिए स्थायी व्यवस्था हो सके. कुल मिलकर पीएम मोदी वैक्सीन आने से पहले टीकाकरण के लिए ज़रूरी स्टोरेज, वितरण और प्रबंधन को चक चौबंद के लेना चाहते हैं ताकि वैक्सीन आने के बाद अफ़रातफ़री ना मचे.

LEAVE A REPLY