याचिका में 1968 में हुए समझौते को रद्द कर शाही मस्ज़िद को हटाने और जगह भगवान श्रीकृष्ण को सौंपने की मांग की गई है.

नई दिल्ली: श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर मथुरा जिला जज ने अपील सुनवाई के लिए स्वीकार की है. यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड, शाही मस्ज़िद ट्रस्ट, श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान को नोटिस जारी किया गया है. याचिका में 1968 में हुए समझौते को रद्द कर शाही मस्ज़िद को हटाने और जगह भगवान श्रीकृष्ण को सौंपने की मांग की गई है. इससे पहले सिविल कोर्ट के जज ने भगवान की तरफ से एक वकील के याचिका दाखिल करने को मंजूरी नहीं दी थी. आज ज़िला जज ने अपील स्वीकार कर ली. इस मामले में अगली सुनवाई 18 नवंबर 2020 को होगी.

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि हमारी अपील को स्वीकार कर लिया गया है. जिला जज ने जितने भी विपक्षी थे, उन्हें नोटिस जारी किया है. मजिस्द पक्ष को जवाब देना है.

इससे पहले मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन के स्वामित्व और शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग को लेकर अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री सहित छह अन्य की ओर से सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. याचिका में जमीन को लेकर 1968 में हुए समझौते को गलत बताया गया था. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 30 सितंबर को याचिका को खारिज कर दिया था.

मामले को लेकर मथुरा की सिविल जज कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, लेकिन वहां से याचिका खारिज कर दी गई थी. जिसके बाद हिंदू पक्ष ने जिला जज की कोर्ट में अपील दाखिल की.

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