सिंधु ने पिछले साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने डेनमार्क ओपन से अपना नाम वापस ले लिया है। ऐसे में उन्हें वर्ल्ड टूर फाइनल में खेलने के लिए एशिया लेग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
  • वर्ल्ड टूर फाइनल से पहले केवल तीन इवेंट डेनमार्क ओपन , एशिया ओपन-1 और एशिया ओपन -2 ही बचे हुए हैं
  • सिंधु ने डेनमार्क ओपन से नाम वापस ले लिया है, ऐेसे वर्ल्ड टूर फाइनल में प्रवेश के लिए दोनो एशिया ओपन में बेहतर प्रदर्शन करना होगा

भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु को वर्ल्ड टूर के फाइनल में सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने सीजन के अंत में होने वाले वर्ल्ड टूर फाइनल में वर्तमान वर्ल्ड चैम्पियन को सीधे प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया है। बीडब्ल्यूएफ के नियम के मुताबिक अभी तक वर्ल्ड चैम्पियन को वर्ल्ड टूर फाइनल में सीधे प्रवेश मिलता है। लेकिन इस बार कोरोना की वजह से कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं हुए है। इसलिए बीडब्ल्यूएफ इस नियम का पालन नहीं करेगा।

वर्ल्ड टूर प्रतियोगिता के अंकों के आधार पर होंगे क्वालिफाई

बीडब्ल्यूएफ ने बयान जारी कर कहा है कि बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल के लिए वर्ल्ड चैम्पियन को सीधे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। खिलाड़ी मौजूदा नियमों के अनुसार क्वालिफाई करेंगे। उन्हें वर्ल्ड टूर टूर्नामेंटों में ली गई अंकों को ध्यान में रखकर ही फाइनल के लिए प्रवेश दिया जाएगा।

वर्ल्ड टूर फाइनल से पहले तीन वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट बचे है

वर्ल्ड टूर फाइनल से पहले खिलाड़ियों के पास तीन टूर्नामेंट बचे हुए हैं। जिसमें डेनमार्क ओपन , एशिया ओपन-1 और एशिया ओपन -2 शामिल हैं। इनमें बेहतर प्रदर्शन कर खिलाड़ी अपने पॉइंट में सुधार कर सकते हैं।”डेनमार्क ओपन सुपर इवेंट मंगलवार से शुरु हो रहा है। इस साल होने वाला एक मात्र वर्ल्ड टूर इवेंट है। वर्ल्ड टूर फाइनल 27 से 31 जनवरी है। उससे पहले दो एशिया ओपन 12 से 17 और 19 से 24 जनवरी तक बैंकॉक में होना है।

एशिया और यूरोपीय के दोनों लेग में भाग लेना जरूरी नहीं

वर्ल्ड टूर फाइनल में प्रवेश के लिए यूरोपीय और एशिया के दोनों लेग में भाग लेने की आवश्यकता नहीं है। बीडब्ल्यूएफ की ओर से कहा गया है कि एशिया ओपन-1 और एशिया ओपन-2 सीजन का अंतिम प्रतियोगिता है, ऐसे में खिलाड़ियों को दोनों लेग में भाग लेना चाहिए। एशिया ओपन -1 और एशिया ओपन-2 में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को क्वारैंटाइन पीरियड को पूरा करना होगा। ऐसे में उन्हें पहले पहुंचना होगा।

तीन टूर्नामेंट हो चुके हैं

वहीं वर्ल्ड टूर्नामेंट फाइनल के क्वालिफाई के लिए सारलॉरक्स ओपन, लावतिया इंटरनेशनल, बुल्गेरियाई इंटरनेशनल चैम्पियनशिप के​​​​ भी पॉइंट जोड़े जाएंगे। ये टूर्नामेंट हो चुके हैं।

सिंधु के पिता पीवी रमन्ना ने कहा-डेनमार्क ओपन से नाम वापस लेने का पछतावा नहीं

सिंधु ने पिछले साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं उन्होंने डेनमार्क ओपन से अपना नाम वापस ले लिया था। अब ऐसे में उन्हें वर्ल्ड टूर फाइनल में खेलने के लिए एशिया लेग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। पीवी सिंधु के पिता पीवी रमन्ना ने कहा कि डेनमार्क टूर्नामेंट से नाम वापस लेने का कोई पछतावा नहीं है। अब जब बीडब्ल्यूएफ ने नियम तय कर दिए हैं, तो सिंधु अब एशिया लेग में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी। वह एक वर्ल्ड चैम्पियन है। और वर्ल्ड टूर फाइनल जीत चुकी है। ऐसे में हमारा मुख्य टारगेट ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप और ओलिंपिक में मेडल जीतना है।

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