राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि BJP ने TDP के 4 MPs को राज्यसभा के अंदर रातों रात मर्जर करवा दिया, वो मर्जर तो सही है और राजस्थान में 6 विधायक मर्जर कर गए कांग्रेस में वो मर्जर गलत है, तो फिर BJP का चाल-चरित्र-चेहरा कहां गया?

जयपुर: राजस्थान में बीएसपी के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर नए सिरे से विवाद शुरू हो गया है. बीएसपी और बीजेपी ने राजस्थान हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दाखिल की है. बीएसपी की याचिका पर गुरुवार को हाई कोर्ट ने विधायकों और स्पीकर सीपी जोशी से 11 अगस्त तक जवाब मांगा है.

 

अब इसी को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार बीएसपी अध्यक्ष मायावती और बीजेपी को निशाने पर ले रहे हैं. उन्होंने आज इसको लेकर तीन ट्वीट किए और पुराने उदाहरण देकर सवाल उठाए.

 

उन्होंने कहा, ”बहनजी (मायावती) को BJP ने आगे कर रखा है और उन्हीं के इशारे पर वो बयानबाजी कर रही हैं. BJP जिस प्रकार से CBI, ED, IT का दुरुपयोग कर रही है, सबको ही डरा रही है, धमका रही है, राजस्थान में क्या हो रहा है, सबको मालूम है, ऐसा तमाशा कभी देखा नहीं. वे उनसे डर रही हैं और मजबूरी में बयान दे रही हैं.”

 

 

 

गहलोत ने कहा, ”BJP ने TDP के 4 MPs को राज्यसभा के अंदर रातों रात मर्जर करवा दिया, वो मर्जर तो सही है और राजस्थान में 6 विधायक मर्जर कर गए कांग्रेस में वो मर्जर गलत है, तो फिर BJP का चाल-चरित्र-चेहरा कहां गया, मैं पूछना चाहता हूं? राज्यसभा में मर्जर हो वो सही है और यहां मर्जर हो वो गलत है?”

 

मुख्यमंत्री ने कहा, ”गोवा में BJP ने कांग्रेस के 15 में से 10 MLAs दो तिहाई के आधार पर ले लिए. TDP के 4 के 4 MPs का राज्यसभा के अंदर BJP में मर्जर हो गया. राजस्थान में BSP के 6 के 6 MLAs पूरी पार्टी कांग्रेस के अंदर मर्जर कर गयी है. जब BJP मर्जर करवा रही है तो यहां मर्जर गलत कैसे है? इसको क्या कहोगे?”

 

संदीप यादव, वाजिब अली, दीपचंद खेरिया, लाखन मीणा, जोगेंद्र अवाना और राजेंद्र गुढ़ा ने 2018 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी के टिकट पर जीत दर्ज की थी. ये सभी सितंबर 2019 में बीएसपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे. तब मायावती ने इसको लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था. अब उन्होंने इसके खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया है.

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