शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘‘शिक्षा किसी भी राष्ट्र की बुनियाद है और पिछले 34 साल से भारत को इस तरह की एक भविष्योन्मुखी योजना की सख्त जरूरत थी.’’

नई दिल्लीः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का बुधवार को स्वागत किया और कहा कि भविष्य को ध्यान में रख कर तैयार कर की गई इस तरह की योजना की भारत को सख्त जरूरत थी. शाह ने यह भी कहा कि यह भारतीय शिक्षा प्रणाली के इतिहास में सचमुच में एक उल्लेखनीय दिन है.

गृह मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘शिक्षा किसी भी राष्ट्र की बुनियाद है और पिछले 34 साल से भारत को इस तरह की एक भविष्योन्मुखी योजना की सख्त जरूरत थी.’’

ऐतिहासिक नीतिगत निर्णय

शाह ने इस ऐतिहासिक नीतिगत निर्णय के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का आभार प्रकट करते हुए कहा, ‘‘यह नये भारत के निर्माण में एक अद्वितीय भूमिका निभाएगा’’

शाह ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि वाले नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 21 वीं सदी के लिये राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को मंजूरी दी. इसके जरिये स्कूली एवं उच्चतर शिक्षा में बहुत जरूरी ऐतिहासिक सुधार लाये गये हैं.

मूल्यों को छोड़कर राष्ट्र उत्कृष्ट नहीं बन सकता

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया का कोई भी राष्ट्र अपनी संस्कृति और मूल्यों को छोड़ कर उत्कृष्ट नहीं बन सकता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य एक ऐसी शिक्षा प्रणाली तैयार करना है जिसकी जड़ें भारतीय लोकाचार में गहरी जड़ें जमाए हुए हो और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कर भारत को वैश्विक ज्ञान की महाशक्ति के रूप में पुनर्निमित कर सके. ’’

गृह मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि नई नीति समाज के हर तबके के छात्रों तक पहुंचेगी और इसे सुनिश्चित करने के लिये एक संयुक्त कार्य बल का गठन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उच्चतर शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को बढ़ाने के लिये निरंतर एवं रणनीतिक कदम उठाये जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्य समग्र एवं विविध विषयक रुख के जरिये भारतीय शिक्षा प्रणाली में बड़ा परिवर्तनकारी बदलाव लाना है.’’

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