प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के पीएम प्रविन्द जगन्नाथ आज मॉरीशस के नए सुप्रीम कोर्ट का उद्घाटन करेंगे. इस नए भवन में 26000 वर्ग मीटर का एक क्षेत्र शामिल है जिसमें 24 कोर्ट रूम और अत्याधुनिक उपकरण शामिल हैं, साथ ही साथ दो भूमिगत कार पार्किंग भी है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के पीएम प्रविन्द जगन्नाथ दोनों संयुक्त रूप से आज मॉरीशस के सुप्रीम कोर्ट के नए भवन का शुभारम्भ करेंगे. वीडियो कॉन्फ्रेंस से होने वाले इसके उद्घाटन के दौरान मॉरीशस की न्यायिक व्यवस्था के वरिष्ठ सदस्य और दोनों देशों के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे. इस भवन का निर्माण भारतीय अनुदान सहायता से किया गया है और यह मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुइस में भारत की सहायता से बनी पहली बुनियादी ढांचा परियोजना होगी.

 

भारत ने 2016 में मॉरीशस को दिया था आर्थिक पैकेज

 

भारत सरकार ने पांच परियोजनाओं के लिए साल 2016 में मॉरीशस को 353 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ‘विशेष आर्थिक पैकेज’ दिया था, जिसके अंतर्गत बनने वाला नया सुप्रीम कोर्ट पहली परियोजना है. यह परियोजना तय समय सीमा के भीतर और अनुमान से कम लागत पर पूरी की गई है. 10 मंजिल वाली यह इमारत लगभग 4,700 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली है और इसका निर्मित क्षेत्रफल (बिल्ट अप एरिया) 25,000 वर्ग मीटर है. आधुनिक डिजाइन और हरित विशेषताओं वाली इस इमारत में तापीय और ध्वनि अवरोधन और उच्च ऊर्जा दक्षता पर जोर दिया गया है.

 

मोदी और जगन्नाथ ने पिछले साल किया था मेट्रो एक्सप्रेस परियोजना का उद्घाटन

 

नए भवन में मॉरीशस के सुप्रीम कोर्ट के सभी शाखाएं और कार्यालय आ जाएंगे, जिससे उसकी दक्षता में सुधार होगा. पीएम मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने संयुक्त रूप से अक्टूबर, 2019 में मॉरीशस में मेट्रो एक्सप्रेस परियोजना के फेज-1 और नई ईएनटी अस्पताल परियजोना का शुभारम्भ किया था. इन्हें भी विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत बनाया गया है.

 

मेट्रो एक्सप्रेस परियोजना के फेज-1 के अंतर्गत, बीते साल सितंबर में मेट्रो लाइन के 12 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण पूरा हो गया था, जबकि फेज-2 के अंतर्गत मेट्रो लाइन के 14 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण कार्य जारी है. ईएनटी परियोजना के माध्यम से भारत ने मॉरीशस में 100 बिस्तर वाले अत्याधुनिक ईएनटी अस्पताल के निर्माण में सहयोग दिया है.

 

भारत की तरफ से सहायता से मॉरिशन में बन रही उच्च गुणवत्ता वाली बुनियादी ढांचा परियोजना का सफल और समयबद्ध निर्माण पूरा होने से मॉरीशस और उस क्षेत्र में भारतीय कंपनियों के व्यापक अवसर पैदा होंगे. नया सुप्रीम कोर्ट भवन शहर के बीचो-बीच एक अहम स्थान होगा और दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय भागीदारी का प्रतीक होगा.

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