Rajasthan Political Crisis: राजस्थान विधानसभा में 200 सीटें हैं. बहुमत के लिए 101 सीटों की जरूरत है. कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं. बीजेपी के पास 72 और अन्य के पास 21 विधायक हैं.

राजस्थान में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच कांग्रेस और उसके समर्थक विधायकों को दिल्ली रोड पर एक होटल में भेज दिया गया है . मुख्यमंत्री निवास में विधायक दल की बैठक में शामिल होने आए विधायकों को बैठक के बाद चार बसों से दिल्ली रोड स्थित होटल में ले जाया गया.

सचिन पायलट और दिल्ली आलाकमान के बीच बातचीत चल रही है. राजस्थान में चार मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष पायलट खेमे से हो सकता है. सचिन पायलट को दिल्ली में महासचिव ( CWC) या कार्यकारी अध्यक्ष पद देकर दिल्ली लाया जा सकता है.

विधायकों के साथ बैठक के बाद सभी को रिसॉर्ट भेज दिया गया है. विधायकों के साथ सीएम अशोक गहलोत भी मौजूद हैं. बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें सभी ने अशोक गहलोत के प्रति समर्थन जताया.

राजस्थान में जारी राजनीतिक उठा पटक के बीच कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट द्वारा बगावती तेवर अपनाए जाने से उपजे संकट के बीच यह बैठक सुबह साढे़ दस बजे शुरू होनी थी लेकिन दोपहर लगभग डेढ़ बजे यह शुरू हुई, बैठक शुरू होने से पहले मीडिया को वहां मौजूद विधायकों व नेताओं की फोटो लेने की अनुमति दी गयी.

इस समय राजस्थान की राजधानी जयपुर में विधायकों की बैठक जारी है और करीब 17 विधायक इस बैठक में नहीं पहुंचे हैं. इनकी गैरमौजूदगी में राजस्थान में विधायक दल की बैठक चल रही है और ये सचिन पायलट खेमे के विधायक हैं.

राजस्थान विवाद को सुलझाने के लिए प्रियंका गांधी ने कमान संभाल ली है. खबर मिली है कि प्रियंका गांधी राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट से बातचीत कर रही हैं. प्रियंका गांधी ने कहा है कि ये नए और पुराने विचारों का टकराव है.

सूत्रों के हवाले से ये खबर आई है कि राहुल गांधी ने सचिन पायलट को मनाने की कोशिश की थी और दो दिन पहले तक राहुल गांधी और सचिन पायलट के बीच संपर्क हो रहा था, हालांकि राहुल गांधी सचिन पायलट को मनाने में सफल नहीं हुए.

सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट दो दिन पहले तक राहुल गांधी के संपर्क में थे. अब प्रियंका गांधी ने संभाली कमान, राजनीतिक संकट सुलझाने की कोशिश कर रही हैं.

जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक जारी है. बैठक में राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे और राज्यसभा सांसद के सी वेणुगोपाल मौजूद हैं. गहलोत इस दौरान अपनी सरकार को लेकर बेहद आश्वस्त नजर आ रहे हैं. गहलोत ने विक्ट्री साइन भी दिखाया. डिप्टी सीएम सचिन पायलट इस बैठक में शामिल नहीं हुए हैं. बताया जा रहा है कि कांग्रेस के पक्ष में 100 से ज्यादा विधायक मीटिंग में पहुंचे हैं.

बीजेपी नेता उमा भारती ने कहा कि एमपी में जो घटा और राजस्थान में जो घट रहा है उसके लिए राहुल गांधी जिम्मेदार हैं क्योंकि वह कांग्रेस में युवा नेताओं को विकसित नहीं होने देते. उन्हें लगता है कि अगर ज्योतिरादित्य और सचिन पायलट जैसे शिक्षित और सक्षम नेता उच्च पद प्राप्त करते हैं, तो वह पीछे रह जाएंगे.

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, ”कांग्रेस सरकार के पास जादुई आंकड़ा मौजूद है और राज्य की गहलोत सरकार कहीं नहीं जाएगी.” पार्टी नेताओं के अनुसार विधायक दल की बैठक में भाग लेने के लिए कांग्रेस के साथ साथ बीटीपी के दो, माकपा के एक, राष्ट्रीय लोकदल के एक विधायक सहित अनेक निर्दलीय विधायक पहुंचे हैं. इस बीच कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर लगे प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के पोस्टर हटा दिए इन पोस्टरों को हटाकर कार्यालय परिसर में रखा गया है हालांकि पार्टी की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है.

राजस्थान में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सोमवार दोपहर तक बड़ी संख्या में विधायक मुख्यमंत्री निवास पर जुटे वहीं, कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के बाहर लगे प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के पोस्टर कुछ लोगों ने हटा दिए हालांकि पार्टी की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है. कांग्रेस विधायक दल की बैठक सोमवार सुबह साढ़े दस बजे होनी थी जो अभी तक शुरू नहीं हो पाई. पार्टी नेताओं के अनुसार कुछ और विधायकों के साथ-साथ राज्यसभा सांसद के सी वेणुगोपाल के आने का इंतजार किया जा रहा है उसके बाद ही बैठक शुरू होगी. इस बीच पार्टी के अनेक नेताओं ने दावा किया कि राज्य की अशोक गहलोत सरकार को कोई खतरा नहीं है.

सुरजेवाला ने कहा, बीजपी के 3 अग्रिम विभाग हैं आयकर विभाग, ED, CBI, जब भी मोदी सरकार, बीजेपी को प्रजातंत्र की हत्या करनी होती है तो बीजेपी के ये विभाग सबसे पहले आगे आकर खड़े हो जाते हैं. कल देर रात और आज सुबह से ये विभाग फिर से राजस्थान की वीरभूमि पर कायरता दिखाने के लिए उतर आए हैं.

सुरजेवाला ने कहा कि अगर कोई मतभेद है तो सचिन पायलट समेत सभी विधायकों के लिए कांग्रेस पार्टी के दरवाजे सदैव खुले थे, हैं और रहेंगे. अपनी ही पार्टी की सरकार को कमजोर करना या बीजेपी को खरीद-फरोख्त का मौका देना अनुचित है.

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, कभी-कभी वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो जाता है जो प्रजा​तांत्रित प्रणाली में स्वा​भाविक है. परन्तु वैचारिक मतभेद पैदा होने से चुनी हुई अपनी ही पार्टी की सरकार को कमजोर करना या बीजेपी को खरीद-फरोख्त का मौका देना अनुचित है.

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, कांग्रेस नेतृत्व ने पिछले 48 घंटे में सचिन पायलट से अनेकों बार वार्तालाव और चर्चा की है. व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा वाजिब हो सकती है लेकिन राजस्थान व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा से बड़ा है.

राजस्थान में जारी सियासी उथलपुथल के बीच महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने पार्टी से सचिन पायलट को मनाने की अपील की है. निरुपम ने कहा कि एक के जाने से पार्टी खत्म नहीं होगी, लेकिन सब चले गए तो पार्टी में कौन बचेगा. उन्होंने कहा कि बेहतर यही होगा कि पार्टी सचिन पायलट को समझाए और रोके.

पीएल पुनिया ने ट्विटर पर लिखा, वीडियो में यह स्पष्ट है कि सिंधिया जी के बारे में सवाल पूछा गया था और मेरा जवाब सिंधिया के बारे में था. लेकिन जुबान फिसलने से मैंने सिंधिया के बजाय सचिन पायलट का नाम ले लिया. गलती पर खेद है.

राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और डिप्टी सीएम सचिन पायलट को लेकर दिए गए बयान पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने सफाई दी है. पुनिया ने कहा कि वो ज्योतिरादित्य सिंधिया का जिक्र कर रहे थे और गलती से सचिन पायलट का नाम ले लिया. बता दें कि पीएल पुनिया ने पायलट को बीजेपी का नेता बता दिया था.

आयकर विभाग कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौर और राज्य कांग्रेस कार्यालय के सदस्य राजीव अरोड़ा के कार्यालय और आवास सहित पूरे राज्य में कई स्थानों पर छापेमारी कर रहा है. ये दोनों लोग सीएम अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं. आयकर विभाग राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र में कई जगहों पर सर्च कर रहा है. जयपुर, कोटा, दिल्ली और मुंबई में सर्च चल रही हैं. आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि ये सर्च कर चोरी की शिकायत पर की जा रही हैं.

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा, ”सचिन पायलट अब भारतीय जनता पार्टी में हैं. और बीजेपी का कांग्रेस पार्टी के प्रति क्या रवैया रहता है ये सभी को पता है. हमें बीजेपी से प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है. कांग्रेस पार्टी में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाता है.”

राजस्थान में जारी सियासी घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेता पीएल पुनिया का बड़ा बयान सामने आया है. पीएल पुनिया ने कहा है कि सचिन पायलट अब बीजेपी में हैं. हालांकि सचिन पायलट ने आधिकारिक तौर पर अभी तक कांग्रेस पार्टी से खुद को अलग नहीं किया है. यहां तक कि उन्होंने यह भी कहा है कि वो बीजेपी में नहीं जाएंगे.

बीजेपी नेता ओम माथुर ने कहा कि राजस्थान के लोगों ने कांग्रेस को राज्य में सरकार बनाने का मौका दिया था, उन्हें इसका सही इस्तेमाल करना चाहिए था. सीएम को अपनी सरकार बरकरार रखनी चाहिए थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पा रहे हैं. उनकी पार्टी के विधायक उनसे खुश नहीं हैं.

कांग्रेस विधायक महेंद्र चौधरी ने कहा, ये कोई दूसरा प्रदेश नहीं है कि बीजेपी किसी प्रकार के प्रयास कर सके. आज का दिन तय कर देगा, बीजेपी को मात खानी पड़ेगी. बीजेपी अपने विधायकों को संभाल कर रखे कहीं कांग्रेस के चक्कर में उनके खुद के विधायक उस पार्टी से न निकल जाएं.

राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा, मैंने उनसे (सचिन पायलट) बात करने की कोशिश की और मैसेज भी भेजे लेकिन उन्होंने अब तक जवाब नहीं दिया. वह पार्टी से ऊपर नहीं हैं. पार्टी उनकी बात सुनने को तैयार है लेकिन कोई अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुझे उम्मीद है कि वह बैठक के लिए आएंगे.

पांडे ने कहा कि विधायकों को सोमवार सुबह 10.30 बजे होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए व्हिप जारी किया गया है. बैठक में भाग नहीं लेने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उल्लेखनीय है कि पायलट ने रविवार रात दावा किया कि अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में है और 30 से अधिक विधायकों ने उन्हें समर्थन देने का वादा किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें समर्थन देने वाले इन विधायकों में कांग्रेस के विधायक और निर्दलीय विधायक शामिल हैं.

राजस्थान में जारी राजनीतिक उठा पटक के बीच पांडे ने मुख्यमंत्री निवास पर रविवार देर रात ढाई बजे संवाददाताओं से कहा, ”109 विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार और सोनिया गांधी व राहुल गांधी के नेतृत्व पर पूरा विश्वास जताते हुए पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं. कुछ अन्य विधायकों की भी मुख्यमंत्री से फोन पर बात हुई है. वे भी पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे.”

राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बागी तेवर अपना लेने के बाद कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे ने दावा किया है कि राज्य के 109 विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थन में हैं और उन्होंने इस संबंध में एक समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने कहा कि कुछ और विधायक भी मुख्यमंत्री गहलोत के संपर्क में हैं और वे भी समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर कर देंगे.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी को बिना किसी कारण के खुश होने की जरूरत नहीं है. सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस सरकार राज्य में पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी.

विधायक रोहित बोहरा, दानिश अबरार और चेतन डूडी कल दिल्ली में थे. उन्होंने कहा कि दिल्ली का उनका दौरा सामान्य था.

डीडवाना से कांग्रेस के विधायक चेतन डूडी ने कहा कि हमें पूर्णतया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में विश्वास है. कांग्रेस अच्छा काम कर रही है वह जारी रहेगा और राज्य में सरकार अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेगी. उन्होंने कहा कि हमारे सारे कांग्रेस के विधायक मिलकर यह तय करेंगे कि सरकार आम आदमी, गरीब, किसान की भलाई और अच्छाई के लिये काम करे. उन्होंने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं.. अनाज बिकता है, मवेशी बिकते हैं.. व्यक्ति नहीं बिकते तो बिकने वाली यहां कोई चीज नहीं है चाहे बीजेपी हो या उससे उपर कोई चीज आ जाये. हमारी पहचान पार्टी की वजह है.

सचिन पायलट के साथ हैं.. या अशोक गहलोत के साथ के सवाल पर अबरार ने कहा कि जब हमने चुनाव लड़ा हमें कांग्रेस पार्टी ने टिकट दिया. कांग्रेस के पंजें पर सबको वोट मिले हम हर तरीके से कांग्रेस पार्टी के साथ हैं. विधायक रोहित बोहरा ने कहा कि हम कांग्रेस पार्टी के साथ हैं. हम मीडिया ट्रायल में नहीं फंसना चाहते. हम कांग्रेस पार्टी के सिपाही हैं जिंदगी भर रहेंगे. उन्होंने कहा कि जो हमारा आलाकमान कहेगा हम वो ही काम करेंगे उसके अलावा कोई काम नहीं करेंगे. हम कांग्रेस के सच्चे सिपाही है. कांग्रेस के साथ रहेंगे.

कांग्रेस विधायक दानिश अबरार ने कहा कि गुटबाजी किसी भी पार्टी में हो सकती है, लेकिन जब बात पार्टी हित की आती है.. पार्टी के झंडे की आती है तो सब पार्टी के झंडे के नीचे होते हैं. ऐसे ही आरोप प्रत्यारोप राज्यसभा चुनाव के दौरान लगे परिणाम आपके सामने है. बीजेपी का वोट खराब हुआ, लेकिन कांग्रेस का नहीं हुआ. उसी तरह से अभी भी जो चर्चाएं हमारे नाम को लेकर चल रही है तो हम सब एक साथ है.

बैकग्राउंड

Rajasthan Political Crisis: राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस में अंदरुनी कलह के बीच उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को पार्टी से बगावत के संकेत देते हुए दावा किया कि उनके साथ तीस से अधिक विधायक हैं और अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में आ चुकी है. पायलट के दावे के उलट कांग्रेस ने कहा है कि गहलोत सरकार पूरी तरह से सुरक्षित है और अपना कार्यकाल पूरा करेगी. पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को विधायक दल की बैठक में यह स्पष्ट हो जाएगा कि कांग्रेस की सरकार बहुमत में है.

 

एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री मीडिया के सामने विधायकों की परेड भी करा सकते हैं और जरूरत पड़ी तो राज्यपाल से मुलाकात कर विधायकों की सूची भी उन्हें सौंपेंगे. कांग्रेस सूत्रों का कहना है, ”पायलट ने आलाकमान के सामने अपनी कुछ मांगें रखी थीं . इसके बाद उन्हें संदेश भिजवाया गया था कि वह एक संक्षिप्त बयान जारी करें कि उनकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी में पूरी आस्था है तथा वो जो भी फैसला करेंगे वह उन्हें स्वीकार होगा.”

 

सूत्रों ने कहा, ”देर शाम तक पायलट की तरफ से ऐसा कोई बयान नहीं आया.” सूत्रों के अनुसार, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, देर शाम पायलट का 30 से अधिक विधायकों के समर्थन के दावे वाला बयान आने के बाद पार्टी नेतृत्व यह मान रहा है कि पायलट अपना रास्ता अलग करना चाहते हैं. कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने दावा किया कि पायलट के साथ आठ से ज्यादा विधायक नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा कि इनमें से भी कुछ को वापस लाने की कोशिश की जा रही है.

 

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे पायलट

 

उधर, एक अधिकारिक बयान में पायलट ने कहा कि वह सोमवार को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे. बयान के अनुसार, ”राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट सोमवार को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे.” पायलट ने कहा कि 30 से अधिक कांग्रेस और कुछ निर्दलीय विधायकों द्वारा उन्हें समर्थन देने के वादे के बाद अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में है.

 

पार्टी के सभी विधायक संपर्क में- अविनाश पांडे

 

इस बीच, राजस्थान के लिए कांग्रेस के प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे ने कहा कि राज्य में पार्टी के सभी विधायक उनके संपर्क में हैं और सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी. पांडे ने इस बात पर हैरानी भी जताई कि वो कौन विधायक हैं, जो कथित तौर पर उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के पक्ष में खड़े हैं. राजस्थान में नया सियासी बवंडर शनिवार को उस वक्त उठ खड़ा हुआ जब मुख्यमंत्री गहलोत की ओर से सरकार को बीजेपी द्वारा अस्थिर करने के प्रयास का आरोप लगाया गया. इस पूरे मामले पर पायलट ने रविवार शाम अपनी चुप्पी तोड़ी और अपने बागी रुख का संकेत दे दिया.

 

उधर, जयपुर में पार्टी के कई विधायक और निर्दलीय विधायक गहलोत के नेतृत्व में विश्वास प्रकट करने के लिये उनके निवास पर मुलाकात कर रहे हैं. पायलट के समर्थक माने जाने वाले कुछ विधायकों के शनिवार को दिल्ली में होने के वजह से गुटबाजी की चर्चा को हवा मिली थी. हालांकि तीन ऐसे विधायकों ने जयपुर आकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि दिल्ली वे अपने व्यक्तिगत कारणों से गये थे.

 

दानिश अबरार, चेतन डूडी और रोहित बोहरा ने कहा कि उनके बारे में मीडिया ने आंशका जताई थी, लेकिन वो पार्टी आलाकमान के निर्देशों का पालन पार्टी के एक सच्चे सिपाही की तरह करेंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसके बारे में पायलट ने कहा कि वह इस बैठक में शामिल नहीं होंगे. कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान में इस संकट को टालने के मकसद से अपने वरिष्ठ नेताओं अजय माकन और रणदीप सुरजेवाला को केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर जयपुर भेजा है.

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