केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने टमाटर के बढ़े दामों को लेकर कहा कि यह सप्लाई में कमी वाला मौसम है.

पिछले एक पखवाड़े से आसमान पर चढ़े टमाटर के दाम घटने का नाम नहीं ले रहे हैं. अब सरकार ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं. केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने टमाटर के बढ़े दामों को लेकर कहा कि यह कमी वाला मौसम है. साथ ही इस मौसम में टमाटर जल्दी खराब होने की भी आशंका रहती है. आपूर्ति ठीक होते ही इसके दाम सामान्य हो जाएंगे.

मंत्रालय के रिकार्ड के मुताबिक ज्यादातर शहरों में टमाटर 60 से 80 रुपये किलो बिक रहा है. गुरुग्राम, गंगटोक, सिलीगुड़ी और रायपुर में टमाटर 70 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है, जबकि गोरखपुर, कोटा और दीमापुर में 80 रुपये के हिसाब से इसकी बिक्री हो रही है. मेट्रो शहरों में टमाटर 60 से 70 रुपये किलो बिक रहे हैं.  लॉकडाउन के बाद टमाटर 20 रुपये किलो बिक रहा था लेकिन अचानक यह 70-80 रुपये तक पहुंच गया है.

टमाटर उत्पादक राज्यों में भी दाम ऊंचे 

जहां टमाटर ज्यादा होता है वहां भी इसके दाम ज्यादा बढ़े हुए हैं. आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में यह 37 रुपये किलो बिक रहा है. चेन्नई में 40 रुपये किलो और बेंगलुरु में 46 रुपये किलो है. उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, पंजाब, तमिलनाडु, केरल, जम्मू और कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश में टमाटर का उत्पादन कम होता है. टमाटर की सप्लाई के लिए बड़े उत्पादक राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है.

देश में सालाना लगभग एक करोड़ 97 लाख टन टमाटर का उत्पादन होता है, जबकि खपत लगभग एक करोड़ 15 लाख टन है. टमाटर की देखा-देखी कुछ और सब्जियों के दाम भी बढ़ गए है. इनमें सबसे ज्यादा महंगा आलू हो गया है. बाजार में आलू 30 से 35 रुपये किलो बिक रहा है, जबकि इसके दाम 10 से 20 रुपये तक होते थे. बीन्स 80 रुपये, गोभी पचास रुपये और बैंगन साठ रुपये किलो बिक रहा है. अरबी और करेले में भी तेजी देखने को मिल रही है.

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