केंद्र सरकार ने हाल ही में यूजीसी की ओर से नए दिशानिर्देश जारी किए थे, जिसमें देश की तमाम यूनिवर्सिटी में अंतिम साल की परीक्षाओं को 30 सितंबर तक पूरा करने का आदेश दिया गया था.

नई दिल्लीः देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लंबे समय से रुके पड़े यूनिवर्सिटी की अंतिम साल की परीक्षाओं को हाल ही में आयोजित कराने के आदेश दिए गए थे. इस फैसले के खिलाफ लगातार छात्र आवाज उठा रहे हैं और मौजूदा माहौल में परीक्षाओं के आयोजन को रद्द करने की मांग कर रहे हैं. अब छात्रों की इन मांगों के समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी उतर आए हैं. राहुल ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से इन परीक्षाओं को रद्द करने की अपील की है.

 

‘कोरोना ने छात्रों को पहुंचाया काफी नुकसान’

 

केंद्र सरकार के फैसले के बाद से ही लगातार छात्र सोशल मीडिया पर अपना विरोध जाहिर कर रहे हैं और सरकार से इन परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं. ऐसी ही छात्रों के प्रति अपना समर्थन जाहिर करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ये छात्रों के साथ अन्याय है.

 

इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए राहुल गांधी ने अपना एक वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया और कहा कि कोरोना के कारण छात्रों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी है. इसमें राहुल ने कहा, “कोविड ने बहुत से लोगों को नुकसान पहुंचाया. स्कूल कॉलेजों में हमारे छात्रों को इससे बहुत कष्ट झेलना पड़ा.”

 

‘छात्रों में भ्रम पैदा कर रहा यूजीसी’

 

राहुल गांधी ने साथ ही आरोप लगाया कि यूजीसी अपने फैसले से छात्रों में भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है. उन्होंने कहा, “आईआईटी में कॉलेजों में परीक्षाओं को रद्द करके छात्रों को आगे बढ़ाया गया. यूजीसी कंफ्यूजन पैदा कर रहा है. उसे भी पिछले प्रदर्शन के आधार पर छात्रों को प्रोन्नत करना चाहिए.”

 

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 6 जुलाई को यूजीसी के संशोधित दिशानिर्देशों को जारी किया था, जिसमें देश की तमाम यूनिवर्सिटी में अंतिम साल की परीक्षाओं को 30 सितंबर तक पूरा करने का आदेश दिया गया था.

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