दिल्ली यूनिवर्सिटी ने जहां ओपेन बुक एग्जाम्स को 15 अगस्त तक कि लिए पोस्टपोन कर दिया है, वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने डीयू से ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के एग्जाम्स की डेटशीट देने को कहा है.

DU To Give UG Final Year’s Datesheet: दिल्ली यूनिवर्सिटी के ओपेन बुक एग्जाम्स के मॉक टेस्ट के बुरी तरह फेल होने के बाद यूनिवर्सिटी ने फिलहाल के लिए ओपेन बुक एग्जाम पोस्टपोन कर दिए हैं. 10 जुलाई से 15 अगस्त के बीच आयोजित होने वाली ये परीक्षाएं फिलहाल अगस्त महीने तक के लिए आगे बढ़ा दी गयी हैं. इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया है कि वे अंडरग्रेजुएट फाइनल ईयर की परीक्षाओं के शेड्यूल के संबंध में जल्द व अंतिम घोषणा करें. कोर्ट का कहना है कि हम सब परीक्षा के तनाव से गुजरे हैं और जानते हैं कि परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति कितना स्ट्रेस बढ़ाने वाली होती है. इसके साथ ही कोरोना के माहौल में यह स्ट्रेस और भयानक हो गया है. इन बिंदुओं को समझते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी को अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर जो भी निर्णय लेना है और जैसे भी परीक्षाएं कंडक्ट करानी है, ऑनलाइन, ऑफलाइन या ब्लंडेड मोड में, वे तय कर लें और इस संबंध में अंतिम सूचना जल्द ही एफिडेविट के रूप में कोर्ट में पेश करें.

 

ओपेन बुक एग्जाम का ट्रायल हुआ बुरी तरह फेल –

 

इस बीच दिल्ली यूनिवर्सिटी ने ओपेन बुक एग्जाम्स का मॉक टेस्ट स्टूडेंट्स के बीच आयोजित कराया जो बुरी तरह फेल हुआ. इस फॉरमेट में परीक्षा कराने से कई प्रकार की समस्याएं सामने आयी और अंततः परीक्षा जोकि ट्रायल मात्र थी संपन्न नहीं हो पायी. कहीं स्टूडेंट्स के कंप्यूटर पर पोर्टल ही नहीं खुला, कहीं छठवें सेमेस्टर के स्टूडेंट को चौथे सेमेस्टर का पेपर मिला, कहीं 5 एमबी की पेन ड्राइव में भी पेपर डाउनलोड नहीं हुआ और ऐसी ही बहुत सी अव्यवस्था फैली, जिसमें कुल मिलाकर परीक्षा आयोजित नहीं हो पायी. अच्छी बात केवल इतनी थी कि यह मात्र ट्रायल था, जिससे यूनिवर्सिटी को अंदाजा लग गया कि समस्या काफी बड़ी है.

 

डीयू ने यूजीसी गाइडलाइंस का हवाला देकर मांगा समय –

 

इस बीच होई कोर्ट में डीयू के वकील सीनियर एडवोकेट सचिन दत्ता ने यूजीसी गाइडलाइंस का हवाला देकर कोर्ट से और समय मांगा है. उनका कहना है कि शेड्यूल बनाने के लिए कुछ समय और दिया जाना चाहिए क्योंकि यूजीसी की नयी गाइडलाइंस पर भी विचार किया जाना है. कोर्ट ने यूनिवर्सिटी को 13 जुलाई तक का समय दिया था 14 जुलाई को फिर सुनवायी है. इसी बीच ओपेन बुक मैथ्ड के फ्लॉप होने से यह मांग भी उठी की परीक्षा का ओपेन बुक फॉरमेट ही नकार देना चाहिए बार-बार परीक्षाएं स्थगित करना कोई उपाय नहीं है. खैर जल्द ही इस संबंध में अंतिम फैसला आने की पूरी उम्मीद है.

LEAVE A REPLY