मनीष सिसोदिया ने कहा, दिल्ली में आज बीमार होने वालों की अपेक्षा ठीक होने वाले मरीजों की संख्या अधिक है. 

नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को दिल्ली में कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति को लेकर एक इंटरव्यू दिया. इस इंटरव्यू में उन्होंने दिल्ली में कोरोना वायरस को लेकर अफवाह फैलाने के लिए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जिम्मेदार ठहराया. इसके बाद मनीष सिसोदिया ने अमित शाह की बातों का जवाब देते हुए एक बयान जारी किया है.

सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए सभी एजेंसियों से मदद और सहयोग मांगा था. हमें केंद्र सरकार, धार्मिक संगठनों, राधा स्वामी सत्संग, अक्षरधाम मंदिर ट्रस्ट, तिरूपति, विभिन्न होटलों, बैंक्वेट हॉल, निजी अस्पतालों और डाॅक्टर्स फाॅर यू जैसे गैर सरकारी संगठनों से जबरदस्त समर्थन मिला.

उन्होंने कहा, ‘जून के पहले सप्ताह में कोरोना के मामलों में अचानक वृद्धि हुई थी. बेड और जांच की कमी पड़ गई थी. मुख्यमंत्री ने तुरंत कदम उठाते हुए कुछ बड़े अस्पतालों में 40 प्रतिशत बेड को कोरोना मरीजों के लिए सुरक्षित कर दिया और जीटीबी जैसे बड़े अस्पतालों को कोविड अस्पताल घोषित कर दिया.’

 

सिसोदिया ने कहा, ‘होटलों को अस्पतालों में परिवर्तित कर दिया गया और बेड की कमी को देखते हुए इन होटलों में करीब 3500 बेड तैयार किए गए. आज दिल्ली में बेड की कोई कमी नहीं है. जांच का दायरा बढ़ाते हुए हमने केंद्र सरकार से सहायता मांगी और उन्होंने रैपिड टेस्ट करने के लिए किट देकर हमारी मदद की. तब से, परीक्षण में 4 गुना की वृद्धि हुई है. केंद्र सरकार ने हमें आॅक्सीजन सिलेंडर भी मुहैया कराया है. राधा स्वामी कोविड सेंटर के लिए आईटीबीपी के डाॅक्टर और नर्स दिए और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी दिलाया.’

मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘मुख्यमंत्री का मानना है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत बड़ी है और कोई भी व्यक्ति या एजेंसी इससे अकेले नहीं निपट सकती है. इस भावना के साथ मुख्यमंत्री सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं और उसके प्रयासों से सफलता मिल भी रही है. पिछले सप्ताह से चीजों को स्थिर होते देख रहे हैं. मरीजों के ठीक होने की दर 62 प्रतिशत तक बढ़ गई है. दिल्ली में आज बीमार होने वालों की अपेक्षा ठीक होने वाले मरीजों की संख्या अधिक है. मौतों की संख्या में कमी आ रही है. पाॅजिटिव केस की दर तेजी से घट रही है.’

उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में स्थिति और सुधार आएगा. जून के पहले सप्ताह में जिस तरह विशेषज्ञों ने संभावना जताई थी कि 31 जुलाई तक दिल्ली में 5.5 लाख पाॅजिटिव केस होंगे, निश्चित रूप से अब उस आंकड़े तक पहुंचने की संभावना बहुत कम है.’

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