मुंबई सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च) में 3.1 फीसदी तक गिर गई। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही थी। सांख्यिकी विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी डेटा के मुताबिक बीते पूरे वित्त वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 4.2 प्रतिशत पर आ गई है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 6.1 प्रतिशत रही थी। मौजूदा सीरीज में यह पिछले 8 साल में सबसे खराब प्रदर्शन है।

सरकार ने पिछले वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों के डेटा में सुधार करते हुए कहा है कि पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था 5.2 पर्सेंट, दूसरी तिमाही में 4.4 पर्सेंट और तीसरी तिमाही में 4.1 फीसदी से बढ़ी। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर में और बड़ी गिरावट तय है। मार्च तिमाही का जो डेटा आया है उसमें लॉकडाउन का एक ही सप्ताह शामिल है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। एनएसओ ने इस साल जनवरी फरवरी में जारी पहले और दूसरे अग्रिम अनुमान में वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। कोरोना वायरस महामारी की वजह से जनवरी-मार्च, 2020 के दौरान चीन की अर्थव्यवस्था में 6.8 प्रतिशत की गिरावट आई है।

8 बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में रिकॉर्ड गिरावट
कोरोना वायरस महामारी और ‘लॉकडाउन के कारण आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन अप्रैल महीने में एक साल पहले की तुलना में 38.1 प्रतिशत घट गया। यह गिरावट का एक नया रिकार्ड है। वाणिज्य मंत्रालय के शुक्रवार को जारी आंकड़े के अनुसार आठ बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में पिछले साल अप्रैल महीने में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इस साल मार्च में आठ प्रमुख उद्योगों…कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, सीमेंट, इस्पात और बिजली…में 9 प्रतिशत की गिरावट आयी थी।

मंत्रालय ने कहा, ”कोविड-19 महामारी के कारण अप्रैल 2020 के दौरान देशव्यापी बंद से कोयला, सीमेंट, इस्पात, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी, कच्चा तेल समेत सभी बुनियादी उद्योगों का उत्पादन घटा है।

LEAVE A REPLY