देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमिण को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के हल्के लक्षणों वाले मरीजों को होम आइसोलेशन पर जाने की छूट दी है। जारी गाइडलाइन के मुताबित इसके साथ कुछ शर्तें हैं। मंत्रालय ने कोरोना के संदिग्ध मरीजों को तीन श्रेणी में बांटा है। पहला बहुत कम लक्षण वाले मरीज, जिन्हें कोविड केयर सेंटर में रखा जाता है। दूसरा ऐसे मरीज जिनमें कोरोना के तीन या चार लक्षण दिखाई देते हैं, इन मरीजों को कोविड हेल्थ सेंटर में रखा जाता है। जबकि तीसरे ऐसे मरीज जिनमें कोरोना के सभी लक्षण दिखाई देते हैं, ऐसे मरीजों को कोविड हॉस्पिटल में रखा जाता है।

The Ministry of Health & Family Welfare has issued revised guidelines for home isolation of very mild/pre-symptomatic cases

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होम आयसोलेशन के लिए क्या हैं स्वास्था मंत्रालय की गाइडलाइंस

-मरीज के पास घर पर आइसोलेशन की सुविधा उपलब्ध होनी जरूरी है।
-कोई भी कोरोना संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन में तभी जा सकता है जब डॉक्टर अपनी रिपोर्ट में मरीज जो घर जाने की इजाजत दे।
-होम आयसोलेशन एक आदमी 24 घंटे उसके साथ रहने वाला होना चाहिए।
-समय- समय पर मरीज की सेहत की जांच की जाएगी और जिला स्वास्थ्य अधिकारी को रिपोर्ट की जानकारी दी जाएगी
-अस्पताल के साथ उसे हर समय कॉन्टेक्स रखना होदा और हर छोटी बड़ी दिक्कत की जानकारी अस्पताल को मिलती रहनी चाहिए।
-मरीज के मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप होना अनिवार्य है।
-स्वास्थ्य विभाग की टीम भी समय-समय पर कोरोना मरीज की निगरानी करेंगे.
-जो भी मरीज होम आइसोलेशन में जाएगा उसे एक फॉर्म भरना होगा और स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी जाने वाली गाइडलाइन का पालन करना होगा।

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