,नई दिल्ली कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों की घर वासपी के लिए गृह मंत्रालय ने अगले कुछ हफ्तों तक हर दिन कम से कम 100 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने को कहा है। सोमवार को रेलवे और राज्यों के नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान गृह मंत्रालय ने इसके लिए व्यवस्था करने को कहा ताकि लोगों को किसी तरह की दिक्कत ना हो।

गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सोमवार को नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गृह मंत्रालय ने राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी हालात में प्रवासी श्रमिक सड़क और रेलवे पटरी का सहारा ना लें। यदि वे ऐसा करते हुए पाए जाते हैं तो उनके लिए बस या ट्रेन से यात्रा की व्यवस्था की जाए। तब तक उन्हें नजदीकी शेल्टर होम में रहने की व्यवस्था की जाए। राज्य सरकारें रेलवे को सहयोग दें ताकि अधिक से अधिक ट्रेनें चल सकें।

गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने कहा कि श्रमिकों के जरिए विशेष ट्रेनों से 468 विशेष ट्रेनों से 5 लाख यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया गया है। 10 मई को 101 ट्रेनें चली थीं। कैबिनेट सचिव ने सभी राज्य के प्रमुखों सचिवों के साथ बैठक की।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि लॉकडाउन में फंसे लोगों को सकुशल घर पहुंचाया जाए। समुद्र सेतु मिशन के तहत आईएनएस जलाश्व 698 यात्रियों को लेकर मालदीव से कोच्चि आ चुका है। वंदे भारत मिशन के तहत 10 मई तक करीब 4 हजार भारतीयों को विदेशों से लाया जा चुका है।

LEAVE A REPLY