बीजिंग कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव ने चीन के जन स्वास्थ्य सिस्टम में खामियों की पोल खोल दी है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को इस बात स्वीकार करते हुए कहा कि बीमारी के रोकथान और नियंत्रण उपायों को बेहतर बनाने के लिए सुधार किए जा रहे हैं।

दिसंबर में मध्य चीन के वुहान से कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई थी, लेकिन शुरुआत में उसने इसे नजरअंदाज किया और सूचनाओं को छिपाने के आरोप भी लगे। चीन के इस रवैये की देश और विदेश में निंदा हुई। हालांकि बीजिंग इस बात पर जोर देता रहा कि उसने विश्व स्वास्थ्य संगठन और दूसरे देशों से समय पर सूचनाएं साझा कीं।

 

इस वायरस से अब तक दुनिया में करीब 40 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और 2 लाख 70 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इसने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को महामंदी की ओर धकेल दिया है।

चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन के डेप्युटी डायरेक्टर ली बिन ने शनिवार को खामियों की स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर सिस्टम पूरी तरह तैयार नहीं था और इससे चीन की प्रतिक्रिया में खामियां रह गईं।

ली ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ”कोरोना वायरस का फैलाव एक बड़ी परीक्षा थी जिसने यह उजागर किया कि संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण प्रक्रिया, जन स्वास्थ्य और आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के अन्य मामलों में चीन में अभी भी खामिया हैं।”

 

ली ने आगे कहा, ”चीन का स्वास्थ्य का स्वास्थ्य विभाग एक केंद्रीकृत, एकीकृत और कुशल नेतृत्वकारी सिस्टम तैयार करेगा जो भविष्य में किसी जन स्वास्थ्य के संकट के समय अधिक तेजी से और प्रभावी तरीके से काम करेगा।”
ली ने कहा कि अधिकारी बीमारी नियंत्रण और रोकथाम के लिए बिग डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य तकनीक का इस्तेमाल करते आधुनिक सिस्टम बनाने पर चर्चा कर रहे हैं। यह किसी संक्रमण के फैलने को लेकर अधिक अधिक सटीकता से अनुमान लगाएगा और तैयारी को बढ़ाएगा।

ली ने आगे कहा, ”कमीशन इस जन स्वास्थ्य कानूनों में बदलाव, अंतरराष्ट्रीय आदान प्रदान और वैश्विक स्वास्थ्य शासन में सक्रियता से सहभागिता पर विचार कर रहा है।” बीजिंग ने शुक्रवार को कहा कि महामारी के खत्म होने के बाद वह विश्व स्वास्थ्य संगठन की अगुआई में कोरोना वायरस के प्रति वैश्विक प्रतिक्रिया की समीक्षा को समर्थन देगा।

चीन का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर चीन की निंदा के बाद आया है। ट्रंप ने बार-बार कहा है कि चीन इस वायरस को रोक सकता था। उन्होंने चीन पर कोरोना वायरस की सही जानकारी छिपाने का ओराप भी लगाया है। चीन ने अब इस संक्रमण को काबू कर लिया है और पिछले 24 दिनों से वहां इस संक्रमण की वजह से किसी की जान नहीं गई है।

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