वाशिंगटन  कोरोना वायरस के कहर से इस वक्त पूरी दुनिया तबाह है, मगर सबसे ज्यादा इसका घातक रूप अमेरिका में देखने को मिल रहा है। अमेरिका में कोरोना से करीब 80 हजार के करीब मौत का आंकड़ा पहुंच गया है। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने के देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तरीके को लेकर उनकी कड़ी आलोचना की है।

बराक ओबामा ने अपने पूर्व प्रशासन के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन के खिलाफ न्याय मंत्रालय द्वारा आपराधिक मामला समाप्त किए जाने के बारे में भी कहा है कि ‘कानून के शासन की मूलभूत समझ को खतरा है।’

ओबामा ने अपने समर्थकों से राष्ट्रपति पद के चुनाव में पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन का समर्थन करने की अपील की जिनके तीन नवंबर को होने वाले चुनाव में ट्रंप के खिलाफ मैदान में उतरने की संभावना है।

ओबामा ने कहा, ‘हम स्वार्थी होने, विभाजित होने और दूसरों को शत्रु की तरह देखने जैसी लंबे समय से चली आ रही प्रवृत्तियों से लड़ रहे हैं और ये प्रवृत्तियां अमेरिकी जीवन में मजबूती से घर बना चुकी है। हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यही देख रहे हैं। यही कारण है कि इस वैश्विक संकट को लेकर प्रतिक्रिया और कार्रवाई इतनी कमजोर और दागदार है।’

उन्होंने कहा, ‘यह पूरी तरह अराजकतापूर्ण आपदा है क्योंकि मानसिकता यह है कि ‘इसमें मेरे लिए क्या है।’ उल्लेखीय है कि जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार,अमेरिका में इस संक्रमण से 78,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 13 लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं।

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