नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यही सही है कि दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन साथ ही लोग ठीक भी हो रहे हैं और घर वापस जा रहे हैं। अब हम कोरोना के साथ जीना सीखेंगे। उन्होंने कहा कि हमें इससे डरना नहीं है।

राजधानी में सामने आए कोरोना के लगभग 75% केस या तो हल्के लक्षण (Mild) वाले हैं  या तो उनमें कोई लक्षण ही नहीं (Asymptomatic) हैं। ऐसे मामलों का इलाज हमारी टीम अब सीधा उनके घर पर जा कर रही है। अगर उनके घर पर सुविधा है तो उन्हें वहीं पर क्वारंटाइन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल विपक्ष ने कोरोना वॉरियर्स के इलाज हेतु निकाले गए ऑर्डर का मजाक उड़ाया। ये निंदनीय है, क्या कोरोना वॉरियर्स को इलाज के लिए सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए? क्या ऐसे कठिन समय में राजनीति करना सही है?

उन्होंने कहा कि मेरा दिल्ली में रह रहे प्रवासी निवासियों से निवेदन है कि हमने आपके खाने का इंतजाम कर रखा है, फिर भी आप जाना चाहते हैं तो उसके लिए हम केंद्र सरकार से और राज्य सरकारों से ट्रेन के लिए बात कर रहे हैं।

इसके साथ ही केजरीवाल ने कहा कि हमने शनिवार को आदेश निकाल कर राजीव गांधी सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल को कोविड हॉस्पिटल डिक्लेअर किया है। उसे 2-3 फाइव स्टार होटल के साथ जोड़ दिया गया है। अगर हमारा कोई भी कोविड वॉरियर डॉक्टर, नर्स, टीचर कोरोना से संक्रमित होता है तो उसका वहां इलाज किया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली में सरकारी एम्बुलेंस को लेकर थोड़ी दिक्कत थी। कल दिल्ली सरकार ने आदेश निकाल कर प्राइवेट हॉस्पिटल्स की एम्बुलेंस भी सरकारी सेवा में ले ली हैं। आशा है कि अब एम्बुलेंस की कमी नहीं होगी।

कोरोना योद्धाओं के इलाज के लिए हमने कुछ होटलों का इंतजाम किया था। कल विपक्ष ने इस आदेश का विरोध किया। इसे लेकर राजनीति हुई तो मुझे बहुत पीड़ा हुई। जो लोग हमारी जिंदगी बचाने के लिए अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं उनका अच्छा इलाज कराना समाज और सरकार की जिम्मेदारी है और हम वो करेंगे।

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