इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो ने कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत के मामलों में लगातार इजाफा के मद्देनजर मंगलवार (31 मार्च) को देश में आपातकाल की घोषणा की, लेकिन उन्होंने किसी राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से इनकार कर दिया। राजधानी जकार्ता और अन्य प्रमुख शहरों में लॉकडाउन लागू नहीं करने पर विदोदो प्रशासन की कड़ी आलोचना हो रही है। इन शहरों में देश की करीब तीन करोड़ आबादी रहती है और इन्हीं से कोरोना वायरस से मौत के अधिकतर मामले सामने आए हैं।

विदोदो ने आपातकाल को लेकर थोड़ी जानकारी दी, जिसमें सामाजिक दूरी रखने का कड़ाई से पालन शामिल है। इसके अलावा उन्होंने सामाजिक सहायता के लिये डेढ़ अरब अमेरिकी डॉलर और निम्न वेतन वाले कामगारों के लिए रियायतों का ऐलान किया।

उन्होंने कहा, ”कोविड-19 के प्रभाव से निपटने के लिये हमने बड़े पैमाने पर सामाजिक दूरी बनाए रखने का फैसला किया है। हमें अन्य देशों के अनुभवों से सीखना चाहिये, लेकिन हम उनकी नकल नहीं कर सकते क्योंकि हर देश का अपना चरित्र है।” इंडोनेशिया में मंगलवार (31 मार्च) तक कोरोना वायरस से 136 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,528 लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं।

 

दुनिया में कोरोना के 8 लाख से ज्यादा मरीज
वहीं, विश्वभर में तबाही मचा रहे घातक कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के प्रयासों के तहत कई देशों में सख्ती से लॉकडाउन (बंद) लागू किया गया है, जिसके कारण दुनिया की करीब आधी आबादी को घरों में ही रहने की हिदायत दी गई है। इस वायरस के संक्रमण को काबू करने के लिए दुनियाभर में तमाम प्रयासों के बावजूद लोगों के संक्रमित होने और मारे जाने का सिलसिला थम नहीं रहा। आधिकारिक सूत्रों से एकत्र जानकारी के अनुसार विश्वभर में इस वायरस के कारण मरने वालों की संख्या मंगलवार (31 मार्च) को बढ़कर 38,466 हो गई। चीन में दिसंबर में सामने आए कोरोना वायरस के पहले मामले के बाद से दुनिया के 185 देशों और क्षेत्रों में 8 लाख से अधिक लोगों के इस विषाणु से संक्रमित होने के मामले दर्ज किए गए हैं।

अर्थव्यवस्था को लेकर विश्व बैंक ने चेताया
दूसरी ओर, कोरोना वायरस के कारण वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। विश्व बैंक ने अनुमान जाहिर किया है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण इस साल चीन तथा अन्य पूर्वी एशिया प्रशांत देशों में अर्थव्यवस्था की रफ्तार बहुत धीमी रहने वाली है जिससे लाखों लोग गरीबी की ओर चले जाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र में इस वर्ष विकास की रफ्तार 2.1% रह सकती है जो 2019 में 5.8% थी। बैंक का अनुमान है कि 1.1 करोड़ से अधिक संख्या में लोग गरीबी के दायरे में आ जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र की ताजा व्यापार रिपोर्ट के मुताबिक भी कोरोना वायरस महामारी के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था इस साल मंदी में चली जाएगी, जबकि भारत और चीन इसके अपवाद हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान खरबों डॉलर का नुकसान होगा और विकासशील देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। रिपोर्ट में हालांकि इस बात की विस्तार से व्याख्या नहीं की गई है कि भारत और चीन अपवाद क्यों और कैसे होंगे।

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