वॉशिंगटन अमेरिका ने सोमवार (30 मार्च) को ईरान पर लगे प्रतिबंधों में छूट बरकरार रखते हुए रूसी, यूरोपीय और चीनी कंपनियों को बिना अमेरिकी जुर्माने का भुगतान किए उसकी असैन्य परमाणु केंद्रों के साथ काम करने को अनुमति दे दी। विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर लगे प्रतिबंधों पर विचार करते हुए छूट के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए।

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ओर्टेगस ने एक बयान में कहा, ”ईरान का परमाणु कार्यक्रमों का विस्तार जारी रखना अस्वीकार्य है। उसका ऐसा करना अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।”

इस मामले से संबंधित कई पूर्व और मौजूदा अधिकारियों का कहना है कि पोम्पिओ ने छूट में विस्तार का विरोध किया था। ये छूट 2015 के ईरान परमाणु समझौते के कुछ शेष घटकों में से हैं, जिन्हें प्रशासन ने रद्द नहीं किया था।

हालांकि अधिकारियो ने कहा कि वित्त मंत्री स्टीवन मेनुचिन ने पिछले हफ्ते इस विषय पर एक आंतरिक बहस में तर्क दिया था कि कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए प्रतिबंधों को कम नहीं करने को लेकर प्रशासन की आलोचना की जा रही है, लिहाजा इस महामारी के कारण इन प्रतिबंधों में छूट बरकरार रहनी चाहिए।

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