भोपाल

मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से फैली महामारी कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। इंदौर में कोरोना संक्रमण के पांच नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद इंदौर में इस संक्रमण की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 10 पर पहुंच गई।

महात्मा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के नये मरीजों में दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। ये लोग शहर के अलग-अलग इलाकों में रहते हैं। प्रवक्ता ने बताया कि पांच अन्य मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि पहले ही हो चुकी है। इनमें शामिल उज्जैन निवासी 65 वर्षीय महिला की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी। इंदौर और उज्जैन में कोरोना वायरस संक्रमण के मरीज सामने आने के बाद दोनों शहरों में बुधवार को कर्फ्यू लगा दिया गया।

कहां कितने मामले
इंदौर में दस, जबलपुर में छह, भोपाल में दो, ग्वालियर और शिवपुरी में एक-एक मरीज मिला है।

मध्य प्रदेश में मजदूरों को प्रति मजदूर 1000 रुपये की सहायता
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण गरीब लोगों को होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए सहायता पैकेज की घोषणा करते हुए बुधवार को कहा कि प्रदेश सरकार मजदूरों को प्रति मजदूर 1000 रुपए की सहायता देगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, प्रदेश सरकार जनजातीय परिवारों के खातों में दो माह की अग्रिम राशि 2,000 रुपये देगी और सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत आने वाले पेंशनर्स को दो माह का अग्रिम भुगतान करेगी।

शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आयुक्तों, आई.जी., जिला कलेक्टरों, एस.पी., सीएमएचओ, नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिका, सीएमओ से कोरोना वायरस की रोकथाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 दिन के देशव्यापी लाकडाउन के आह्वान के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति और इससे प्रभावित वर्गों के लिये सहायता पैकेज की देने की बात की। उन्होंने कहा, ‘संनिर्माण कर्मकार मंडल के अंतर्गत मजदूरों को लगभग 8.25 लाख रूपये की सहायता प्रति मजदूर 1000 रुपए के हिसाब से उपलब्ध करायी जायेगी।’

नि: शुल्क होगा इलाज
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर शासकीय हॉस्पिटल/मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क इलाज किया ही जायेगा साथ-साथ चिन्हित प्राइवेट मेडिकल कॉलेज/प्राइवेट हॉस्पिटल में भी नि:शुल्क इलाज सभी वर्गों के लिए उपलब्ध रहेगा। प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान भारत में निर्धारित दरों के हिसाब से भुगतान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में पंच-परमेश्वर योजना की प्रशासनिक मद में राशि उपलब्ध है। इसे कोरोना वायरस के नियंत्रण तथा लॉकडाउन के कारण जहाँ भी लोगों को भोजन/आश्रय की व्यवस्था करना हो खर्च की अनुमति प्रदान की जा रही है।

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