नई दिल्ली यस बैंक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और राज्य प्रमुख जयदेव दास ने कहा है कि वह जगन्नाथ मंदिर कॉर्पस फंड के नाम भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) खाते में 397 करोड़ रुपये  डाल रहे हैं। बता दें पुरी के सदियों पुराने इस मंदिर के 545 करोड़ रुपये यस बैंक में जमा हैं। भारतीय रिजर्व बैंक यस बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लगाई थी तो आम आदमी के साथ-साथ पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के भी पैसे फंस गए थे। आरबीआई के नए आदेश के बाद भक्त और पुजारी दोनों चिंतिंत थे। यस बैंक की एक शाखा में भगवान जगन्नाथ के नाम से खुले अकाउंट में 545 करोड़ रुपए जमा हैं।

Jaydev Das, Senior Vice President & State Head, YES Bank: We have remitted Rs. 397 crores to the designated State Bank of India (SBI) account of Jagannath Temple Corpus Fund.

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इस मामले पर ओडिशा के मंत्री प्रताप जेना ने कहा था कि जगन्नाथ मंदिर के 592 करोड़ रुपए यस बैंक में जमा हैं। मार्च 2029 में फिक्स डिपॉजिट की अवधि पूरी हो जाएगी। इसके बाद मंदिर प्रबंधन पैसे निकालकर कसी राष्ट्रीय बैंक में जमा कराएगा। बता दें यस बैंक पर पिछले दिनों तय की गई 50 हजार रुपये की निकासी की सीमा को 18 मार्च को हटा लिया गया। यानी अब यस बैंक के ग्राहक पहले की तरह बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले सकते हैं और 50 हजार रुपये से अधिक की निकासी भी कर सकते हैं। इससे पहले सरकार ने यस बैंक के पुनर्गठन की योजना को अधिसूचित करते हुए वर्तमान प्रशासक प्रशांत कुमार को प्रबंध निदेशक, सीईओ नियुक्त किया था।

यस बैंक का सफरनामा

यस बैंक की स्थापना राणा कपूर और अशोक कपूर ने साथ मिलकर 2004 में की थी, जिसे लाइसेंस वर्ष 2003 में मिला था। दोनों की पत्नियां सगी बहनें हैं। राणा कपूर ने एक समय सिटी बैंक में इंटर्न से शुरुआत की थी। 26 नवंबर 2008 को मुंबई हमले में अशोक कपूर की मौत हो गई लेकिन उनकी पत्नी मधु किसी तरह बच गईं। अशोक की मौत के बाद यस बैंक के दो प्रर्वतक परिवारों के बीच स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति को लेकर झगड़ा हुआ। इनमें से एक परिवार का नेतृत्व बैंक के सीईओ राणा कपूर और दूसरे परिवार का नेतृत्व उनकी साली मधु कपूर करती रहीं। इसके बाद मामला कोर्ट में भी पहुंचा।

  • 19 सितंबर 2018: आरबीआई का यस बैंक के सीईओ राणा कपूर को कार्यकाल विस्तार देने से इनाकर। जनवरी 2019 के अंत तक पद छोड़ने के लिए कहा।
  • 27 नवंबर 2018: रेटिंग एजेंसी मूडीज ने बैंक की वेदिशी मुद्रा जारीकर्ता रेंटिंग में कटौती की।
  • 24 जनवरी 2019: यस बैंक ने अपने सीईओ के रूप में ड्यूश बैंक इंडिया के प्रमुख रवनीत गिल को नियुक्त किया।
  • 13 फरवरी 2019: यस बैंक ने कहा कि आरबीआई ने बैंक के परिसंपत्ति वर्गीकरण और प्रावधान में निर्धारित मानदंडों से कोई अंतर नहीं देखा।
  • 8 अप्रैल 2019: यस बैंक ने कहा कि वह शेयरों और ऋण प्रतिभूतियों को जारी करके धन जुटाने पर विचार करेगा।
  • 26 अप्रैल 2019: एनपीआए के बढ़ते स्तर से बंक की पहली तिमाही में नुकसान। अगले दिन शेयर 30 फीसदी गिरे।
  • 14 मई 2019: आरबीआई ने पूर्व केंद्रीयर बैंक के डिप्टी गवर्नर आर गांधी को बैंक के बोर्ड में अतिरिक्त निदेशक नियुक्त किया।
  • 17 जुलाई 2019: यस बैंक ने पहली तिमाही के लाभ में 91 फीसदी की गिरावट दर्ज की। फंसे कर्ज का अनुपात 5.01 फीसदी हो गया।
  • 3 अक्तूबर 2019: यस बैंक को वैश्विक निवेशक से 1.2 अरब डॉलर का बाध्यकारी निवेश प्रस्ताव मिला।
  • 1 नवंबर 2019: यस बैंक ने दूसरी तिमाही के लिए अधिक नुकसान की रिपोर्ट की, क्योंकि फंसे कर्ज का अनुपात 7.39 फीसदी पहुंच गया।
  • 29 नवंबर 2019: यस बैंक ने कहा कि 1.2 अरब डॉलर के शेयर बेचने के लिए बातचीत की जा रही है।
  • 12 फरवरी 2020: बैंक ने कहा कि कम से कम एक महीने में अक्तूबर- दिसंबर की कमाई का खुलासा करने में देरी होगी।
  • 5 मार्च 2020: सरकार ने यस बैंक को स्थगन के तहत रखा। आरबआई ने 30 दिनों के लिए अपने नियंत्रण में लिया।

 

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