NCP प्रमुख शरद पवार की नाराजगी के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने बहुचर्चित भीमा कोरेगांव मामले पर बयान दिया है.

मुंबई : 

NCP प्रमुख शरद पवार की नाराजगी के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने बहुचर्चित भीमा कोरेगांव मामले पर बयान दिया है. सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा है,”एलगार परिषद का मामला और भीमा कोरेगांव का मामला 2 अलग-अलग मामले हैं. भीमा कोरेगांव का मामला मेरे दलित भाइयों से जुड़ा हुआ है. इस जांच को केंद्र के हाथ में नहीं दिया जा सकता है, और इसे केंद्र को नहीं सौंपा जाएगा. जबकि एलगार परिषद के मामले को केंद्र देख रही है.”

Maharashtra CM Uddhav Thackeray: Elgaar Parishad case&Bhima Koregaon case are 2 different cases. Bhima Koregaon case is related to my Dalit ppl & the probe related to the case yet not given to Centre&it will not be handed over to Centre. Centre has taken over Elgaar Parishad case

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गौरतलब है कि इस मामले को लेकर महाराष्ट्र सरकार में विवाद शुरु हो गया था. महाराष्ट्र में भीमा-कोरेगांव मामले की एनआईए से जांच को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हरी झंडी देने से नाराज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से मामले की एसआईटी जांच कराने का फैसला लिया था. यानी कि केंद्र की ओर से भीमा कोरेगांव हिंसा (Bhima-Koregaon Violence) की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी और राज्य सरकार एसआईटी जांच कराएगी. शरद पवार की मौजूदगी में सोमवार को हुई एनसीपी के नेताओं की बैठक में एसआईटी जांच कराने का फैसला लिया गया था.

 

बता दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार ने पिछले माह आरोप लगाया था कि केंद्र ने भंडाफोड़ होने के डर से भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंपी है. पवार ने कहा था कि अन्याय के खिलाफ बोलना नक्सलवाद नहीं है. उन्होंने ने कहा था कि ” मेरे खयाल से सरकार को डर है कि उसका भांडा फूट जाएगा. इसलिए (मामले को एनआईए को सौंपने का) फैसला किया गया है.” पवार ने एल्गार परिषद मामले में कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुणे पुलिस की कार्रवाई की जांच कराने के लिए सेवानिवृत न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की थी.

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