प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 8 करोड़वें किसान साथी के खाते में पैसा जमा किया गया.

तुमकुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) दो दिवसीय कर्नाटक दौरे पर हैं. गुरुवार को पीएम ने तुमकुर में श्री सिद्धगंगा मठ के दर्शन करने के बाद एक जनसभा को भी संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने देश के 6 करोड़ किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत दिसंबर महीने की किस्त के रूप में 12,000 करोड़ रुपये जारी कर उन्हें नए साल का तोहफा भी दिया. इस दौरान 8 करोड़वें किसान साथी के खाते में पैसा जमा किया गया.

6,000 रुपये सीधे किसानों के खाते में भेजे जाते हैं
पीएम-किसान सम्मान निधि में एक किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपये सीधे हस्तांतरित किया जाता है. तीन किस्तों में इस राशि का भुगतान किया जाता है और प्रत्येक किस्त की राशि 2,000 रुपये होती है. किसानों को इस योजना का लाभ पिछले साल दिसंबर महीने से ही दिया जा रहा है. मगर, किसान जब इस योजना से जुड़ते हैं और इसके तहत अपना पंजीकरण करवाते हैं, उसी समय से उनको योजना का लाभ मिलता है. ऐसे में पश्चिम बंगाल के किसान अब तक तीन किस्तों यानी 6,000 रुपये का लाभ पाने से वंचित रह गए हैं.

प्रधानमंत्री के भाषण की खास बातें
– अपने भाषण की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा, नए दशक की शुरुआत में देश के अन्नदाता-हमारे किसान भाई-बहनों के दर्शन होना, मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है. मैं 130 करोड़ देशवासियों की तरफ से, देश के हर किसान को नए वर्ष की शुभकामनाएं देता हूं, देश के लिए अन्न उपजाने वाले किसानों का आभार व्यक्त करता हूं.

– कृषि कर्मण अवार्ड के साथ ही, आज कर्नाटका की ये धरती, एक और ऐतिहासिक उपलब्धि की गवाह बनी है. आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 8 करोड़वें किसान साथी के खाते में पैसा जमा किया गया है. इतना ही नहीं, आज अभी, इस कार्यक्रम में ही एक साथ देश के 6 करोड़ किसान परिवारों के खाते में 12 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं.

 

सिर्फ 15 पैसे पहुंचते थे
– देश में एक वो दौर भी था जब देश में गरीब के लिए एक रुपए भेजा जाता था तो सिर्फ 15 पैसे पहुंचते थे. बाकी के 85 पैसे बिचौलिए मार जाते थे. आज जितने भेजे जा रहे हैं, उतने, पूरे के पूरे सीधे गरीब के खाते में पहुंच रहे हैं.
– दशकों से लटकी सैकड़ों सिंचाई परियोजनाएं हों, फसल बीमा से जुड़े नियमों में बदलाव हो, सॉयल हेल्थ कार्ड हो या फिर यूरिया की 100 प्रतिशत नीम कोटिंग, हमने हमेशा किसानों के हितों को प्राथमिकता दी.
– हमारी सरकार के प्रयासों के कारण भारत द्वारा मसालों के उत्पादन और निर्यात, दोनों में काफी बढ़ोतरी हुई है. भारत में मसाला उत्पादन 25 लाख टन से अधिक बढ़ा है तो एक्सपोर्ट भी करीब 15 हज़ार करोड़ से बढ़कर लगभग 19 हज़ार करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है.
– बागवानी के अलावा दाल, तेल और मोटे अनाज के उत्पादन में भी दक्षिण भारत का हिस्सा अधिक है. भारत में दाल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बीज हब बनाए गए हैं, जिनमें से 30 से अधिक सेंटर कर्नाटका, आंध्रा, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना में ही हैं.

फिशरीज में तीन स्तरों पर काम
– फिशरीज सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार तीन स्तरों पर काम कर रही है.
पहला- गांवों में मछलीपालन को बढ़ावा, मछुवारे भाई-बहनों को आर्थिक मदद
दूसरा- ब्लू रिवोल्यूशन स्कीम के तहत नावों का आधुनिकीकरण.
तीसरा- मछली के व्यापार और कारोबार से जुड़े आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण.

मछलीपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा
– मछलीपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ा जा चुका है. मछली पालकों की सहूलियत के लिए बड़ी नदियों और समंदर में नए फिशिंग हार्बर बनाए जा रहे हैं. आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए साढ़े 7 हज़ार करोड़ रुपए का विशेष फंड भी बनाया गया है.
– डीप सी फिशिंग के लिए मछुआरों की नावों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और ISRO की मदद से मछुआरों की सुरक्षा के लिए नेविगेशन डिवाइस नावों में लगाए जा रहे हैं. आज यहां तमिलनाडु और कर्नाटका के अनेक किसानों को इसका लाभ लेते हुए आपने भी देखा है.
नई कैटेगरी बनाई जाए
– कृषि कर्मण अवार्ड में देश की पोषण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पौष्टिक अनाज- Nutri Cereals, Horticulture और Organic Agriculture को लेकर भी नई कैटेगरी बनाई जाए. इससे, इन क्षेत्रों में बेहतर काम कर रहे लोगों और राज्यों को प्रोत्साहन मिलेगा.
– वर्ष 2022 में जब हमारा देश अपनी आजादी के 75 वर्ष का पर्व मनाए, तब हमारे संकल्पों की सिद्धि ही हमारे राष्ट्र निर्माताओं को हमारी श्रद्धांजलि होगी. आज हमें यहां से किसानों की आय दोगुनी करने के लिए नई ऊर्जा लेकर, नई प्रतिबद्धता लेकर जाना है.

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