सचिव-सरपंच कर रहे कागजों पर ही करोड़ों के काम
/समय जगत /मयंक गुर्जर, उज्जैन/बडऩगर/ बडऩगर जनपद की ग्राम पंचायत किलोली के सचिव पंकज शर्मा व सरपंच भँवरबाई की शिकायत लगातार ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर व प्रशासनिक अधिकारी बडऩगर को की जा रही थी, जिस पर प्रशासनिक अधिकारी कोई संज्ञान नही ले रहे हैं । जिस पर सचिव व सरपंच विकास के नाम पर धांधली कर रहे है। भ्रष्टाचार रोकने की बात करने वाली कमलनाथ सरकार को सचिव – सरपंच विकास के नाम पर चूना लगा रहे है योजनाओ के नाम पर पैसा निकाल लिया जाता है, धरातल पर कोई कार्य नहीं कराया जाता है । कार्य सिर्फ कागजों पर ही हो रहा है। ग्राम पंचायत में पूर्व में हो चुकी रिकवरी के बाद भी सचिव के होंसले इतने बुलन्द है की लगातार भ्रष्टाचार किये जा रहे। एक कार्य के नाम पर तीन- तीन बार राशि निकाल ली सचिव- सरपंच ने , राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने कारण इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है ।
श्मशान घाट को भी नहीं छोड़ा सरपंच – सचिव ने
गांव से कुछ दूरी पर स्थिति श्मशान घाट के विकास के लिए 13 लाख 18 हजार की राशि स्वीकृत हुई थी , जिसमें श्मशान घाट का समतलीकरण , टिन शेड ,गाँव से श्मशान घाट तक रोड निर्माण, व अन्य कार्य होना था। जिसमे 7 लाख 33 हजार की राशि में सिर्फ टीन शेड का ही निर्माण कराया गया। बाकी राशि सचिव- सरपंच डकार गये।
जीवन यात्रा के अंतिम स्थल को भी सचिव -सरपंच ने नहीं छोड़ा , जो 7 लाख 33 हजार में टिन शेड का निर्माण हुआ ,उसकी वर्तमान यह स्थिति है कि अंतिम संस्कार के दौरान ही वह गिर जाए ,जिससे ग्रामीण नजदीक गांव जाकर करते है अंतिम संस्कार । रोड़ का निर्माण नही होने से ग्रामीणों को कीचड़ में श्मशान घाट तक जाना पड़ता है , जिससे भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।
एक ही पुलिया के नाम पर निकाल ली तीन बार राशि
शातिर दिमाग सचिव ने श्मशान घाट पहुँच मार्ग पर पुलिया के नाम से 5 वर्ष में तीन बार राशि निकाल ली , जिसमे पहली बार 26 जनवरी 2015 को किलोली से चिचोडिया खाल रपट के नाम 2 लाख रुपये स्वीकृत हुए, जो गुणवत्ताहीन कार्य होने से भृष्टाचार की भेंट चढ़ गई । इसी पुलिया को दूसरी बार पीलिया खाल के नाम पर 9 फरवरी 2016 को 1 लाख 05 हज़ार रुपये स्वीकृत करवाया गया । जिसमें कोई निर्माण नही कराया गया । तीसरी बार मे इस पुलिया को श्मशान के पास पुलिया के नाम से 20 जनवरी 2019 को 2 लाख रुपये स्वीकृत कराया गया , जिसमे से 60 हज़ार के लगभग की राशि निकाल ली गयी । एक ही कार्य के नाम पर तीन बार राशि निकालकर सचिव- सरपंच ने सरकार को चूना लगाया ।
धांधली को दबाने के लिए किया था मीडियाकर्मियों पर हमला
ग्रामीणों द्वारा कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी कोई करवाई नही हुई, जिस पर ग्रामीणों ने मीडियाकर्मियों को अवगत करवाया था, जिस पर श्मशान घाट का कवरेज कर लौट समय जगत के प्रतिनिधि मयंक गुर्जर व साथी अजय नीमा से सरपंच पति व पुत्र ने खबर ना चलाने को लेकर जानलेवा हमला किया था । मिली जानकारी के अनुसार हमला करवाने में सचिव का अहम रोल है,सचिव के इशारों पर ही हमला हुआ था । अब देखना यह होगा प्रशासन क्या करवाई करता है या फिर सचिव को बचाने में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो जाएगा ।

इनका कहना है…
आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है , जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित करवाई
की जाएगी।
एकता जयसवाल, एसडीएम बडऩगर
मामले की जांच कर जानकारी दी जाएगी।
नीलेश पारिख, जिपं सीईओ उज्जैन
पहले भी हो चुके हैं रिकवरी के आदेश
सीसी रोड निर्माण के मामले में 4 लाख 96 हज़ार की रिकवरी का आदेश पहले भी हो चुके है , लेकिन करवाई नही हुई, जिससे फिर सचिव के होंसले बुलन्द हुए ओर घोटाले करने में पीछे नही हट रहा है ।राजनीतिक सरंक्षण से घोटाले दबाने में लगा है।
सीसी रोड व नाली निर्माण में भी धांधली
गांव में बने सीसी रोड व नाली निर्माण में भी सचिव ने की है बड़ी धांधली, गोवर्धन के घर से राधेश्याम के घर तक 4 लाख में स्वीकृत हुआ था सीसी रोड , जिसमे से 2 लाख 54 हज़ार निकालकर सचिव-सरपंच डकार गए व वापस गोवर्धन के घर से रतन जी के घर तक 2 लाख 35 हज़ार स्वीकृत कराकर सीसी रोड बना दिया।
संरक्षण प्राप्त है सचिव- सरपंच को
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सचिव व सरपंच को राजनीतिक व प्रशासनिक सरंक्षण प्राप्त है, सचिव के कई रिश्तेदार जो राजनेता व प्रशासनिक अधिकारी, जिसका आशिर्वाद सचिव को पाप धोने में मदद कर रहे ।
जनसुनवाई में नहीं पहुंचते सरपंच-सचिव
ग्रामीणों ने बताया कि जनसुनवाई वाले दिन भी पंचायत नहीं खुलती है। सचिव को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण कोई अधिकारी पंचायत का निरीक्षण करने भी नहीं पहुँचता है। जनसुनवाई नहीं होने से ग्रामीणों को इधर-उधर भटकने पर मजबूर होना पड़ता है।

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