पंचायतें छुपा रहीं बिल वाऊचर, ऑडिट से बचने गढ़ रहीं बहाने

/समय जगत, बैतूल/ पंचायतें अपने बिल वाऊचर, लेखा पुस्तिका छुपाते घूम रही है और उन्हें न दिखाने के लिए नए-नए बहाने गढ़ रही है। हाल यह है कि सोशल ऑडिट में पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों द्वारा बिल वाऊचर ना दिखाने पर जनपद सीईओ खासे नाराज हैं और उन्होंने सभी सचिवों को चेतावनी देते हुए कड़ा पत्र लिखा है तथा जनपद की आगामी समीक्षा बैठक में तमाम बिल वाऊचर के साथ मौजूद रहने के लिए कहा है। सूत्र बताते हैं कि जनपद पंचायत बैतूल की पंचायतों में जो बिल वाऊचर लगे हंै, उनमें भारी घपला है, इसलिए सचिव और रोजगार सहायक इन बिल वाऊचर को जगजाहिर होने देना नहीं चाहते। इसीलिए उन्होंने सोशल ऑडिट में बिल वाऊचर दिखाने से इंकार कर दिया है। सोशल ऑडिटर से रिपोर्ट मिलने के बाद वर्तमान जनपद सीईओ भी इस बात को समझ चुके हैं कि पंचायतों में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है। इसीलिए उन्होंने सभी सचिवों को ताकीद किया है कि आगामी समीक्षा बैठक में अपने समस्त बिल वाऊचर और लेखा पुस्तिका साथ लेकर ही आना है, अन्यथा उन्हें परिणाम भुगतान के लिए तैयार रहना चाहिए।
पंचायतों में नहीं वाऊचर
नियम प्रक्रिया, आदेश अनुसार निर्माण कार्यों के देयक भुगतान के लिए सहायक लेखा अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा के डिजिटल हस्ताक्षर के बाद सभी दस्तावेज वापस ले जाकर ग्राम पंचायत में रखे जाना चाहिए, लेकिन जिस तरह ऑडिट के दौरान सचिवों ने दस्तावेज दिखाने से इंकार किया, उससे साफ है कि ग्राम पंचायत के पास कोई दस्तावेज नहीं है, जो कि एक बड़ी अनियमितता की श्रेणी में आता है। ऑडिट के दौरान सचिवों ने कह दिया कि उनके दस्तावेज जनपद में जमा हैं।

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