भ्रष्टाचार पंचायतों में निर्माण कार्य अधूरे-पैसे निकाले पूरे, अधिकारी नहीं कर रहे हैं जांच
श्योपुर ब्यूरो। पंचायत राज्य ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा करोडों रुपये पंचायतों के विकास के लिए दिए जाते है जिससे लोगों को सुविधा मिले लेकिन मध्य प्रदेश मे अनेकों पंचायतों की स्थिति बेहद शर्मनाक है। जहां करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को मूलभुत सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। इसी तारतम्य में बताया गया है कि, जिले की तीनों जनपदों की 225 पंचायतों में से अनेकों पंचायतों की स्थिति देखी जाये तो भ्रष्टाचार में लीन रही है। जहां निर्माण कार्य बिलकुल घटिया सामग्री का उपयोग कर किया गया है, जो कि समय सीमा के पहले ही जर्जर हो गये हैं कई पंचायतों में अधूरे निर्माण कार्य हुए ओर फिर भी भुगतान हो गये इस संबंध मे आमजन द्वारा बताया गया है कि पंचायत जावदेश्वर के स्कूल निर्माण के लिए बजट आया और सरपंच व सचिव ने निर्माण कार्य कराए लेकिन लंबे समय से पूरा नही हुआ जहां स्कूल निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है ऐसी अनेकों पंचायतों की स्थिति जहां निर्माण कार्य अधूरे हैं। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ हर्ष सिंह द्वारा बताया गया है कि ऐसी पंचायतों को देखेंगे ओर टीम बनाकर जांच करायेंगे जो कुछ अनियमितता मिलती है संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
मशीनों से कराया कार्य
जनपद विजयपुर की कई पंचायतों में निर्माण कार्य के लिए मजदूरों की जगह जेसीबी से कराया गया ओर कागजों में मजदूरों की राशि का भुगतान अपने ही लोगों को कर दिया जाता है इससे गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी छीनने का प्रयास किया जा रहा है। नरेगा मनरेगा योजना के अंतर्गत आने वाला पैसों का गबन किया जा रहा है, इसकी जनकारी अधिकारियों को होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती है।

करेंगे कार्यवाही…
ऐसे सचिवों पर कार्रवाई करेंगे जिन्होंने शासन के पैसों का दुरुपयोग किया है इसके लिए लगभग 7-8 पंचायत सचिवों को नोटिस देकर जवाब मांगा है जहां अधूरे निर्माण कार्य पड़े हैं वहा जांच करवा रहे हंै जल्द संबंधित भ्रष्ट सचिवों के खिलाफ उचित दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
श्याम सुंदर भटनागर,
सीईओ, जनपद पंचायत कराहल

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