पिछले सप्ताह जारी संयुक्त बयान में कहा गया, “दोनों पक्षों ने जम्मू और कश्मीर की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया.

नई दिल्ली: भारत (India) ने मंगलवार को चीन (China) विदेश मंत्री वांग यी की यात्रा के दौरान चीन और पाकिस्तान (Pakistan) के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के जिक्र को लेकर दोनों को लताड़ा साथ ही बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के बारे में अपनी चिंताओं को भी उठाया.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने चीन-पाक के बयान में जम्मू-कश्मीर के संदर्भ को खारिज करते हुए कहा, “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.”

पिछले सप्ताह जारी संयुक्त बयान में कहा गया, “दोनों पक्षों ने जम्मू और कश्मीर की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया. पाकिस्तानी पक्ष ने अपनी चिंताओं, स्थिति और तत्काल मानवीय मुद्दों सहित स्थिति पर चीनी पक्ष को जानकारी दी. वहीं, चीन ने किसी भी एकपक्षीय कार्रवाई का विरोध किया, जो स्थिति को जटिल करता है.”

 

दरअसल, पाकिस्तान और चीन दोनों ही नई दिल्ली द्वारा बीते 5 अगस्त को लेकर कश्‍मीर को लेकर लिए गए फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की कोशिश कोशिश कर रहे हैं.

इस बीच नई दिल्ली ने “चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे” परियोजनाओं पर “चीन और पाकिस्तान” दोनों के लिए अपनी चिंता व्यक्त की.

दरअसल, CPEC पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से होकर गुजरता है, जो एक ऐसा क्षेत्र है जो 1947 से पाकिस्तानी कब्जे में है. भारत ने CPEC के कारण चीन की वन बेल्ट-वन रोड पहल का बहिष्कार किया है.

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