इस बिल के मुताबिक, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माने की रकम 2000 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये करने का प्रावधान है. बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 1000 रूपए का जुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस जब्त करने का प्रावधान है.

नई दिल्ली: देश में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सोमवार को लोकसभा में मोटर व्हीकल संशोधन बिल पेश किया गया. बिल में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए सजा को कठोर बनाने के साथ-साथ सड़क के निर्माण और उसके रख-रखाव में कमी के चलते होने वाली दुर्घटनाओं के लिए भी पहली बार कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

सड़क हादसों में मौत की संख्या बढ़ती जा रही है
रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 में सड़क दुर्घटनाओं में 146913 लोगों की मृत्यु हुई थी. 2016 में 150785 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि 2017 में 147926 लोगों की मौत सड़क हादसे में हुई. इन दुर्घटनाओं पर काबू पाने के लिए मोदी सरकार और कड़े प्रावधान करने जा रही है. इसके लिए लोकसभा में आज सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मोटरयान संशोधन बिल पेश किया.

बिना हेलमेट 1000 रुपये का जुर्माना
इस बिल के मुताबिक, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माने की रकम 2000 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये करने का प्रावधान है. बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 1000 रूपए का जुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस जब्त करने का प्रावधान है. फिलहाल ये जुर्माना केवल 100 रूपए है.

बिल के अन्य प्रमुख प्रावधान
1. बिना लाइसेंस के ड्राइविंग करने पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर 5000 किया गया.
2. तेज गति से गाड़ी चलाने पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर अधिकतम 5000 रुपया किया गया.
3. सीट बेल्ट नहीं लगाने पर भी जुर्माना बढ़ाया गया. इसे 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया है.
4. मोबाइल फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाने पर पकड़े जाने पर जुर्माना 1000 रुपए से बढ़ाकर 5000 करने का प्रस्ताव है.
5. किसी आपातकालीन गाड़ी को रास्ता नहीं देने पर पहली बार 10000 रूपए के जुर्माने का प्रावधान है.
6. नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने पर पहली बार सख्त जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
7. अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक या गाड़ी के मालिक दोषी माने जाएंगे. इसके लिए 25000 रूपए के जुर्माने के साथ-साथ 3 साल के जेल का प्रावधान है. साथ ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द करने का प्रावधान है.
8. ओवरलोडिंग के लिए 20000 न्यूनतम जुर्माना के साथ साथ 1000 रुपया प्रति टन अतिरिक्त पैसे का प्रावधान है.
9. इस बिल में सड़क हादसे में मारे गए लोगों को मिलने वाले मुआवजे में भी बढ़ोतरी की गई है. इसे बढ़ाकर अब अधिकतम 5 लाख रुपए जबकि गंभीर रूप से घायल होने पर 2.5 लाख मुआवजा कर दिया गया है.
10. रैश ड्राइविंग करने पर जुर्माना 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 करने का प्रस्ताव है.

लाइसेंस के लिए आधार जरूरी
इसके अलावा लाइसेंस और उसको रद्द करने के लिए भी कुछ नए प्रावधान जोड़े गए हैं. इस बिल में लाइसेंस लेने या गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया गया है. एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद 1 साल तक लाइसेंस को रिन्यू यानि फिर से बनवाया जा सकेगा. वर्तमान में यह समय सीमा केवल 1 महीने है.

गाड़ी में खामी पर सरकार कंपनी पर 500 करोड़ का जुर्माना लगा सकती है
अगर सड़क के गलत डिजाइन उसके निर्माण और उसके रखरखाव की कमी के चलते किसी दुर्घटना में किसी की मौत होती है तो कांट्रेक्टर और कंसलटेंट और सिविक एजेंसी जिम्मेदार होगी. ऐसी दुर्घटनाओं के एवज में मुआवजे के दावे का निपटारा 6 महीने के भीतर करना अनिवार्य बनाया जाएगा. अगर गाड़ी के कल पुर्जे की क्वालिटी कम होने के चलते गाड़ी की दुर्घटना होती है तो सरकार उन सभी गाड़ियों को बाजार से वापस लेने का अधिकार रखेगी, साथ ही निर्माता कंपनी पर अधिकतम 500 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगा सकती है.

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