200 दिनों में 450 से ज्यादा आईएएस, आईपीएस अफसरो के हुए तबादले
आष्टा/कमल पांचाल मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने अपना वनवास खत्म कर कमलनाथ सरकार के रूप में अपनी सरकार बनाई । तभी से मध्यप्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले की झड़ी लगी हुई है ।वही अब कमलनाथ सरकार के 6 माह पूर्ण होने के बाद भी मध्यप्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों का फेरबदल लगातार जारी है । इन अधिकारियों के फेरबदल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ग्रह जिला सीहोर भी अछूता नहीं रह पाया । विधानसभा चुनाव के बाद से कलेक्टर तरुण पिथोड़े, एसपी राजेश चंदेल, का तबादला हुआ । लोकसभा चुनाव के बाद पुनः अधिकारियों के फेरबदल की गाज कुछ माह पहले ही सीहोर की कमान संभालने वाले कलेक्टर गणेश शंकर मिंश्रा पर गिरी, एक बार पुनः गणेश शंकर की जगह अजय गुप्ता को सीहोर का कलेक्टर बनाया गया ।
लेकिन इन अधिकारियों के फेरबदल में ऐसे कई अधिकारी के तबादले किये गए जिन्हें मात्र कुछ माह ही बीते है और जिनकी कार्यप्रणाली जनता के हितों की रही है । ऐसे ही आष्टा में 14 मार्च 2019 में आष्टा के अनुविभागीय अधिकारी के रूप में आये राजेश शुक्ला पर गिरी जिन्हें महज 3 माह ही आष्टा में हुआ था । जिनकी कार्यप्रणाली ,फटाफट फैसलों से जनता के दिल मे जगह बना चुके थे ,उनका तबादला भी जनता को गले नही उतर रहा या कहे कि कमलनाथ सरकार को ऐसे ताबड़तोड़ कार्यवाही करने वाले एसडीएम राजेश शुक्ला रास नहीं आये ।

पदभार संभालते ही जलसंकट हुआ सामना,लोकसभा चुनाव बाद ग्रामीण छेत्रो में किये ताबड़तोड़ दौरे
राजेश शुक्ला ने 14 मार्च 2019 को पद भार ग्रहण किया ,पद संभालते ही आष्टा विधानसभा के जावर ,आष्टा में कम बारिश के चलते भीषण जलसंकट सामने ही खड़ा मिला , जल संकट से झूज रहे आष्टा ,जावर की जनता की समस्या को लेकर लगातार छेत्रो में निरीक्षण किये , भीषण गर्मी में नगरीय शहरी क्षेत्र सहित जल संकट की आम जन की समस्या को कुछ हत तक नियंत्रण करने के दिशा निर्देश देते रहे ,इस बीच शांतिपूर्ण लोकसभा चुनाव सम्पन्न कराए । चुनाव सम्पन्न होने के बाद से एसडीएम राजेश शुक्ला ने ग्रामीण क्षेत्रों की और रुख किया ग्रामीण क्षेत्रों की आंगनवाड़ीया, ग्राम पंचायत, सरकारी उचित मूल्य की दुकानों का औचक निरीक्षण लगातर जारी था और अपने तहसील कार्यलय में आने वाले हर फरियादी की फरियाद को तत्काल हल करने के निर्देश देते रहे । जिससे राजेश शुक्ला कम समय मे आष्टा की जनता के दिल मे अपने ताबड़तोड़ फैसले से दिल मे जगह बना चुके थे ।लेकिन कमलनाथ सरकार को शायद यह रास नही आया ।
और राजेश शुक्ला का तबादला भोपाल कर दिया ।
मध्यप्रदेश में 200 दिनो में 450 से ज्यादा आईएएस-आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर, बीजेपी ने कहा- यह तबादला उद्योग
मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद से एक बार फिर तबादलों का दौर शुरू हो गया है. बीते दिनों में भी 60 से ज्यादा आईएएस-आईपीएएस अधिकारियों के तबादले हुए हैं. विपक्ष एक बार फिर सरकार पर तबादला उद्योग चलाने का आरोप लगाने लगा है, वहीं सरकार का कहना है कि बीजेपी के राज में इससे ज्यादा तबादले होते थे।
राज्य में 200 दिन से कमलनाथ सरकार सत्ता में है. इस दौरान 450 से ज्यादा आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं. 18 दिसंबर 2018 से एक जून 2019 तक 84 आईएएएस अधिकारियों के तबादले के आदेश निकल चुके हैं. सभी 10 संभागों के कमिश्नर और 52 जिलों के कलेक्टर बदले जा चुके हैं. 48 एसपी बदल दिए गए हैं. राज्य स्तर के अधिकारियों को भी जोड़ दें तो यह आंकड़ा 15,000 से ज्यादा है। वही कमलनाथ सरकार का कहना है कि यह सारा काम प्रशासनिक कसावट के लिए हो रहा है, अभी और तबादले होंगे।

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