पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके आर्थिक सर्वे को सामाजिक क्षेत्र, तकनीक को अपनाने और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में हासिल तरक्‍की को दर्शाता है.

नई दिल्‍ली : बजट पेश होने से पहले गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वे पेश किया गया. सरकार को चालू वित्त वर्ष 2019-20 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने की उम्मीद है. केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में 2018-19 की आर्थिक समीक्षा पेश करते हुए यह अनुमान व्यक्त किया. पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके आर्थिक सर्वे को सामाजिक क्षेत्र, तकनीक को अपनाने और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में हासिल तरक्‍की को दर्शाता है. पीएम मोदी ने कहा कि आर्थिक सर्वे 5 ट्रिलियन डॉलर (5 लाख करोड़) इकोनॉमी को हासिल करने की रूपरेखा है.

 

Narendra Modi

@narendramodi

The #EconomicSurvey2019 outlines a vision to achieve a $5 Trillion economy.

It also depicts the gains from advancement in the social sector, adoption of technology and energy security.

Do read!https://www.indiabudget.gov.in/economicsurvey/ 

आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि 2019-20 में सरकार को मिला विशाल राजनीतिक जनादेश उच्च आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं के लिए शुभ है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के विश्व आर्थिक परि²श्य (डब्ल्यूईओ) की अप्रैल 2019 की रिपोर्ट में अनुमान व्यक्त किया गया है कि 2019 में भारत की जीडीपी 7.3 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगी. यह अनुमान वैश्विक उत्पादन तथा उभरते बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (ईएमडीई) में क्रमश: 0.3 तथा 0.1 प्रतिशत अंक में गिरावट की रिपोर्ट के बावजूद व्यक्त किया गया है.

भारत 2018-19 में विश्व की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. ऐसा 2017-18 के 7.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि से 2018-19 में 6.8 प्रतिशत के मामूली परिवर्तन के बावजूद हुआ है. आर्थिक सर्वे के अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान (2014-15 के बाद) भारत की वास्तविक जीडीपी विकास दर उच्च रही है. इस दौरान औसत विकास दर 7.5 प्रतिशत रही. 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी.

सर्वे के अनुसार, सत्र 2018-19 के दौरान रबी फसलों के लिए जोत के कुल क्षेत्र में थोड़ी कमी आई जिसने कृषि उत्पादन को प्रभावित किया. खाद्यान्नों की कीमत में कमी ने भी किसानों को उत्पादन कम करने के लिए प्रेरित किया. 2018-19 के दौरान जीडीपी के निम्न विकास दर के कारण सरकार द्वारा खपत में कमी, स्टॉक में बदलाव आदि हैं.

LEAVE A REPLY